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महात्मा फुले की 200वीं जयंती: पीएम मोदी ने किया दो वर्षीय देशव्यापी समारोहों का शिलान्यास; बोले- ‘करोड़ों भारतीयों के प्रेरणापुंज हैं ज्योतिबा’

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महात्मा Jyotiba Phule की 200वीं जयंती पर दो साल के देशव्यापी कार्यक्रमों का शुभारंभ किया. सरकार 2026 से 2028 तक फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष आयोजन करेगी…

Jyotiba Phule 200th Jayanti PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महान समाज सुधारक और नारी शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती वर्ष के भव्य समारोहों का आधिकारिक शुभारंभ किया. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने महात्मा फुले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन संघर्षों को याद किया.

केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सामाजिक न्याय के इस महानायक की स्मृति में 2026 से 2028 तक दो वर्षों तक देशव्यापी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य उनके समानता और शिक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है.

2028 तक देश भर में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जन्म जयंती को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा. 2026 से लेकर 2028 तक चलने वाले इन समारोहों के माध्यम से वंचित वर्गों के कल्याण को प्रोत्साहित किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से अपील की है कि वे महात्मा फुले के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें जहाँ हर व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर प्राप्त हों.

 

पीएम मोदी ने साझा किया विशेष आलेख

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर महात्मा फुले के योगदान को रेखांकित करते हुए एक विशेष आलेख साझा किया. पीएम ने लिखा कि महात्मा फुले ने अपना पूरा जीवन केवल शिक्षा और ज्ञान के प्रसार के लिए ही नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए होम कर दिया.

साथ ही उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे फुले के विचार आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए एक ‘प्रेरणापुंज’ बने हुए हैं. पीएम के अनुसार, फुले का जीवन यह सिखाता है कि बिना ज्ञान के समाज का कोई भी वर्ग उन्नति नहीं कर सकता.

मोदी सरकार के विजन में फुले का अक्स

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन और लेख में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान सरकार की नीतियां महात्मा फुले के सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के सिद्धांतों से गहराई से प्रेरित हैं. उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य फुले ने शुरू किए थे, उन्हें आज ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. पीएम ने स्पष्ट किया कि छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ फुले का संघर्ष ही आज के सशक्त और समतामूलक भारत की आधारशिला है.

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सावित्रीबाई और ज्योतिबा के संघर्ष को किया नमन

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महात्मा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले द्वारा महिला शिक्षा के क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि आज जब भारत की बेटियां अंतरिक्ष से लेकर रक्षा क्षेत्र तक देश का नाम रोशन कर रही हैं, तो इसकी नींव ज्योतिबा फुले ने 19वीं सदी में ही रख दी थी. ज्ञान को सभी वर्गों तक पहुँचाने का उनका अभियान आज ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे राष्ट्रीय संकल्पों के रूप में फलीभूत हो रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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