नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच यह बैठक सम्मेलन से इतर हुई, जिसमें भारत और कजाकिस्तान से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.
बैठक में भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति टोकायेव ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया. पीएम मोदी ने टोकायेव के साथ आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की.
भारत में हो रहा है 18वां ब्रिक्स सम्मेलन
भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी के तहत नई दिल्ली में दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के अलावा सहयोगी देशों और आउटरीच कार्यक्रम के लिए आमंत्रित देशों के नेता भी हिस्सा ले रहे हैं.
रविवार की बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति टोकायेव ने भारत मंडपम में अन्य नेताओं के साथ सामूहिक तस्वीर भी खिंचवाई. इस ‘फैमिली फोटो’ में ब्रिक्स सदस्य देशों, सहयोगी देशों, आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हुए.
टोकायेव ने रात्रिभोज में भी लिया हिस्सा
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे थे. एयरपोर्ट पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने शनिवार शाम भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित विशेष रात्रिभोज में हिस्सा लिया.
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत ब्रिक्स के मंच के जरिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दे रहा है.
‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर बनी सहमति
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शनिवार को 11 सदस्य देशों के नेताओं ने सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को मंजूरी दी. घोषणापत्र में भारत की अध्यक्षता और आउटरीच/ब्रिक्स प्लस डायलॉग सत्र के आयोजन की सराहना की गई.
घोषणापत्र में कहा गया कि भारत की अध्यक्षता ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता को बढ़ाने की दिशा में नई गति दी है. सदस्य देशों ने ब्रिक्स की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई. इसमें आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और आम सहमति जैसे सिद्धांत शामिल हैं.
फिलहाल ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात सदस्य देश हैं. वहीं बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के सहयोगी देशों में शामिल हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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