पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि असली ज्ञान वही है जो देश, समाज और पूरी मानवता के कल्याण का रास्ता खोलता है. उनका संदेश था कि हमारा ज्ञान और हमारे कर्म ऐसे होने चाहिए जो दूसरों के लिए प्रेरणा बनें. जब इंसान सही ज्ञान के साथ चलता है तो उसका जीवन न केवल खुद के लिए बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी बन जाता है.
संस्कृत श्लोक का उल्लेख
अपने संदेश में पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक भी उद्धृत किया:
“आत्मा शुद्धः सदा नित्यः सुखरूपः स्वयम्प्रभः.
अज्ञानान्मलिनो भाति ज्ञानाच्छुद्धो भवत्ययम्..”
इस श्लोक का भाव है कि आत्मा हमेशा शुद्ध और प्रकाशमान होती है, लेकिन अज्ञान उसे मलिन कर देता है. जब ज्ञान आता है तो आत्मा अपनी असली शुद्ध अवस्था में लौट आती है.
सनातन परंपरा का संदेश
मोदी ने यह भी बताया कि भारत की सनातन संस्कृति हमेशा से ज्ञान और सत्य पर आधारित रही है. यही परंपरा हमें सिखाती है कि हर जीव-जंतु और हर इंसान का कल्याण हमारी जिम्मेदारी है. उनका संदेश सिर्फ धार्मिक या दार्शनिक नहीं था, बल्कि जीवन जीने की एक व्यावहारिक सीख भी थी.
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मानवता के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री का यह पोस्ट इस बात पर जोर देता है कि ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारे कर्मों में झलकना चाहिए. जब हमारा आचरण दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है, तभी सच्चे अर्थों में ज्ञान का उपयोग होता है. यही सोच समाज को मजबूत करती है और मानवता को आगे बढ़ाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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