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पीएम मोदी ने मोदी ने बेटियों को दिया सबसे बड़ा ‘सुरक्षा कवच’, WHO चीफ ने भी की जमकर तारीफ

WHO Praises For HPV Vaccine: भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पीएम मोदी ने देशव्यापी एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का आगाज किया है. इस पहल की वैश्विक स्तर पर गूंज सुनाई दे रही है. इस अभियान पर WHO की प्रतिक्रिया आई है.

WHO Praises For HPV Vaccine

WHO Praises For HPV Vaccine: भारत में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (Cervical Cancer) को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने एक निर्णायक जंग शुरू कर दी है. पीएम मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस ऐतिहासिक पहल की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है.

WHO ने पीएम मोदी को सराहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्रालय को इस साहसिक कदम के लिए बधाई दी. उन्होंने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्रालय की सराहना करता हूं जिन्होंने लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाने के लिए देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया है. WHO इस रोकथाम योग्य बीमारी के उन्मूलन के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है.

1.15 करोड़ लड़कियों को सुरक्षा कवच

यह अभियान केवल एक टीकाकरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है. हर साल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लगभग 1.15 करोड़ लड़कियां (14 वर्ष की आयु) इस अभियान के दायरे में आएंगी. यह वैक्सीन सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगी. शुरुआती तीन महीनों तक यह अभियान ‘मिशन मोड’ में चलेगा, जहाँ लड़कियां रोजाना टीका लगवा सकेंगी. इसके बाद इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बना दिया जाएगा.

सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े इंतजाम

सरकार ने टीकाकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं. टीका लगाने से पहले माता-पिता या अभिभावकों से ‘सूचित सहमति’ (Informed Consent) लेना अनिवार्य होगा. प्रत्येक सत्र का पर्यवेक्षण प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों द्वारा किया जाएगा. किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल घटना (AEFI) से निपटने के लिए हर केंद्र पर मेडिकल सपोर्ट और फंक्शनल कोल्ड चेन पॉइंट्स सुनिश्चित किए गए हैं.

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क्यों जरूरी है एचपीवी वैक्सीन?

भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर है. एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है. समय पर टीकाकरण से आने वाली पीढ़ियों को इस जानलेवा बीमारी से बचाया जा सकता है. पीएम द्वारा अजमेर से शुरू किया गया यह अभियान भारत की स्वास्थ्य नीति में एक मील का पत्थर है. WHO की सराहना इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य मानकों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है.



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