PM Modi Letter Women Reservation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की महिलाओं को एक विशेष पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और महिलाओं की विधायी भागीदारी पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. बाबा साहेब बीआर अंबेडकर की जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर लिखे गए इस पत्र में पीएम ने महिलाओं को आरक्षण देने की पहल पर मिल रहे भारी समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि दशकों से लंबित इस महत्वपूर्ण सुधार को धरातल पर उतारने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है ताकि देश की नीतियां बनाने में महिलाओं की भूमिका और अधिक सशक्त हो सके.
सरदार पटेल से लेकर ‘विकसित भारत’ तक का जिक्र
पीएम मोदी ने अपने पत्र में इतिहास की कड़ियों को जोड़ते हुए बताया कि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का सपना सरदार पटेल ने अहमदाबाद म्युनिसिपैलिटी के समय ही देखा था. उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि भारत ने आजादी के बाद से ही महिलाओं को समान मताधिकार दिया, जिसके लिए विकसित देशों को भी लंबा संघर्ष करना पड़ा.
पीएम ने लिखा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश की आधी आबादी नीति निर्माण (Policy Making) और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से शामिल होगी.
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खेल से लेकर स्टार्टअप तक: बदल रही है भारत की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स, विज्ञान, शिक्षा और खेल के क्षेत्रों में छोटे शहरों की महिलाओं द्वारा रचे जा रहे कीर्तिमानों की जमकर सराहना की. उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और स्वयं सहायता समूहों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज की नारी आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही है.
पीएम ने पत्र के अंत में महिलाओं से एक खास अपील करते हुए आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन करने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि यह कदम आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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