Learning and Growing: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ एक साक्षात्कार में युवाओं को अपनी संघर्ष यात्रा और निर्णय लेने की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने कहा कि असल जिंदगी में कोई शॉर्टकट नहीं होता है और युवाओं को हमेशा धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीवन में मुश्किलें और कठिनाइयां आती हैं, लेकिन यह हमारी सहनशक्ति को परखने के लिए होती हैं, न कि हमें हराने के लिए. उन्होंने युवाओं से कहा, “चाहे रात कितनी भी अंधेरी क्यों न हो, सुबह तो आनी ही है. हमें धैर्य और आत्मविश्वास रखना चाहिए, और यह विश्वास रखना चाहिए कि हम अकेले नहीं हैं. जो हमें मार्गदर्शन करने के लिए भेजता है, वह हमेशा हमारे साथ रहता है.”
शॉर्टकट से बचें, धैर्य रखें
प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा से प्रेरित होकर युवाओं को यह संदेश दिया कि जीवन में कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड पर लिखा होता है, “शॉर्टकट आपको छोटा कर देगा,” और यही संदेश युवाओं के लिए है. “शॉर्टकट से बचें, धैर्य और दृढ़ता बनाए रखें.”
उन्होंने आगे कहा, “हमें जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए. यात्रा का आनंद लें और उसे पूर्णता से जीएं. अगर यह मानसिकता विकसित की जाती है, तो जीवन में बदलाव आ सकता है.”
संसाधनों का सही उपयोग और लगातार सीखने की प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को अपनी क्षमताओं का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि जीवन में संसाधन हो सकते हैं, लेकिन हमें उन संसाधनों का उपयोग समाज में अधिक योगदान देने के लिए करना चाहिए. “कभी भी अपने भीतर के छात्र को मरने न दें,” उन्होंने कहा. उन्होंने यह भी बताया कि किसी व्यक्ति के पास जब तक उद्देश्य होता है, तब तक उसे सीखते रहना चाहिए.
छोटी उम्र में सीखने का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने छोटी उम्र में अपने पिताजी की चाय की दुकान पर बैठकर कई लोगों से सीखा था. “हालांकि मैं उस समय इसे पूरी तरह से समझने की स्थिति में नहीं था, लेकिन उन अनुभवों ने मुझे बहुत कुछ सिखाया.”
बड़े लक्ष्य के बजाय कुछ करने का सपना देखें
प्रधानमंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की बजाय कुछ करने का सपना देखें. “अगर आपका लक्ष्य 10 तक पहुंचना है और आप आठ तक पहुंच जाते हैं, तो आप निराश नहीं होंगे. क्योंकि आप अभी भी दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि अगर कोई सिर्फ कुछ बनने का सपना देखता है और वह नहीं हो पाता, तो वह निराश हो सकता है.
मनोबल और मानसिकता का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीवन में हमें अपनी मानसिकता को समायोजित करना चाहिए. “हमें यह सोचने की बजाय कि हमें क्या मिला या नहीं मिला, हमें यह सोचना चाहिए कि हम क्या दे सकते हैं. सच्चा संतोष अपने-आप नहीं खिलता, बल्कि यह आपके द्वारा दी गई गहराई से बढ़ता है.”
इसे भी पढ़ें- PM Modi ने Lex Fridman से बातचीत में साझा की अपनी निर्णय लेने की प्रक्रिया, जानिए क्या है उनका नेतृत्व सिद्धांत
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



