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भारत ने कैसे किया मालदीव का चीनी मोहभंग? पीएम मोदी के लिए मोइज्जू ने बिछाई लाल कालीन; ड्रैगन के कान हुए खड़े

PM Modi Maldives Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के बाद चीन के पाले में जा रहा देश एक बार फिर भारत की ओर आ रहा है. आइये जानें कैसे चीनी मोहभंग किया गया?

How PM Modi Diplomatic Win Maldives

भारत की रणनीतिक जीत

PM Modi Maldives Visit: हिंद महासागर के जिस मोती मालदीव चीन अपनी बुरी नजर थी. अब उसने खुद भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव में मिले शाही स्वागत ने साफ कर दिया है कि मालदीव और राष्ट्रपति मो. मोइज्जू की ड्रैगन प्रेम टूट चुका है. कभी ‘इंडिया आउट’ कैंपेन चलाकर सत्ता में आने वाले मो. मोइज्जू अब दिल खोकर वेलकम मोदी कर रहे हैं. उन्हें स्वतंत्रता दिवस का मुख्य अतिथि बना रहे हैं और रिसीव करने के लिए खुद एयरपोर्ट आ कर गले भी लगा रहे हैं. इस दौरे का प्रारंभ ही बता रहा है कि कूटनीति की बिसात पर भारत ने चीन को मात दी है.

मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है और रक्षा तथा सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों में मालदीव की पिछली सरकारों के कार्यकाल में वृद्धि देखी गई थी. प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा (PM Modi In Maldives) को मोइज्जू के शासनकाल में दोनों देशों के बीच संबंधों (India Maldives Relations) में ठहराव आने के बाद एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है.

कैसे बिगड़े रिश्ते?

  • साल 2023 में मो. मोइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ कैंपेन चलाया और चुनाव जीत लिया.
  • दिसंबर 2023 में ही दुबई में UN कॉप-28 पीएम मोदी और मोइज्जू की मुलाकात से सुधार आने लगा.
  • साल 2024 की शुरुआत में कुछ मंत्रियों की पीएम मोदी और लक्षद्वीप यात्रा पर अपमानजनक टिप्पणी की थी.
  • पीएम मोदी के अपमान के बाद भारत में ‘बायकॉट मालदीव’ कैंपेन शुरू हो गया.
  • जनवरी 2024 में चीन यात्रा में मो. मोइज्जू ने कहा कि हमें कोई धमका नहीं सकता है.
  • मई 2024 तक भारतीय सैन्य कर्मियों को हटाने की मांग होने लगी. इसके बाद भारत ने तकनीकी कर्मचारी भेजे.

सुधार की शुरुआत

मोहम्मद मोइज्जू सत्ता के सत्ता में आने के साथ ही भारत और मालदीव के रिश्ते में खटास आ गई थी. भारतीय सैनिकों की वापसी और चीन से बढ़ती नजदीकियां ऐसा लग रहा था मानो मालदीव अब भारत के पाले से निकल रहा है. हालांकि, हिंदुस्तान ने धैर्य और समझदारी से काम लिया. आर्थिक मदद और लगातार संपर्क और बातचीत के प्रयासों ने रंग दिखाया. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी मालदीव यात्रा (PM Modi Maldives Tour) पर पहुंचे. इस दौरे ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ ला दिया.

  • अक्टूबर 2024 में मो. मोइज्जू भारत की यात्रा पर आए. इस दौरान  750 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप डील हुई.
  • करेंसी स्वैप डील से मालदीव की फॉरेन करेंसी की कमी करीब-करीब पूरी हुई.
  • मई 2025 में भारत ने बड़ा सहयोग किया. 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल को रोल ओवर की उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत किया गया.

 मो. मोइज्जू का चीन प्रेम टूटा

दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले बैठक की. द्विपक्षीय संबंधों में यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन के करीब माने जाने वाले मोइज्जू नवंबर 2023 में ‘इंडिया आउट’ अभियान के बल पर द्वीपीय राष्ट्र की सत्ता में आए हैं. अब एक बार फिर रक्षा सहयोग से लेकर विकास परियोजनाओं अब सब पटरी पर आता नजर आ रहा है. इसी के साथ मो. मोइज्जू का चीन प्रेम टूट रहा है. मतलब साफ है कि मालदीव फिर से भारत के पाले में आ रहा है.

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दोनों देशों के लिए फायदेमंद है यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा (PM Modi Maldives Speech) भारत की कूटनीतिक जीत है. ‘इंडिया आउट’ का नारा देने वाले राष्ट्रपति मोइज्जू का हृदय परिवर्तन और बढ़ती गर्मजोशी बताती है की भारत के प्रयासों ने रंग लाया है. हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने भारत ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इससे क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के शुभ संकेत मिल रहे हैं. मालदीव का भारत के करीब आना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है. इसके साथ ही ये क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास को भी मजबूत करेगा.



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