Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti: सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी का जीवन और उनके आदर्श हमेशा उन्हें प्रेरित करते रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि नेताजी से जुड़ी कई घटनाएं और अनुभव उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं.
Netaji Subhas Chandra Bose has always inspired me greatly. On 23rd January 2009, the e-Gram Vishwagram Yojana was launched. This was a pioneering scheme aimed at transforming Gujarat’s IT landscape. The scheme was launched from Haripura, which had a special place in Netaji Bose’s… pic.twitter.com/0pbEUu4eQx
— Narendra Modi (@narendramodi) January 23, 2026
ई-ग्राम विश्वग्राम योजना का उल्लेख
पीएम मोदी ने लिखा कि 23 जनवरी 2009 को गुजरात में ‘ई-ग्राम विश्वग्राम योजना’ की शुरुआत की गई थी. यह योजना आईटी सेक्टर को बदलने के उद्देश्य से शुरू की गई थी. उन्होंने बताया कि इस योजना का शुभारंभ हरिपुरा से हुआ था, जो नेताजी बोस के जीवन में विशेष महत्व रखता है. उन्होंने कहा कि वह कभी नहीं भूल सकते कि हरिपुरा के लोगों ने उनका स्वागत उसी सड़क पर किया था, जहां नेताजी बोस ने कभी जुलूस निकाला था.
2012 की एक घटना को किया याद
पीएम मोदी ने 2012 की एक घटना को याद करते हुए कहा कि उस साल अहमदाबाद में आजाद हिंद फौज दिवस मनाने के लिए एक बड़ा आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में नेताजी से प्रेरित कई लोग शामिल हुए थे, जिनमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा भी मौजूद थे.
कांग्रेस पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने बिना नाम लिए कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि नेताजी बोस के योगदान को याद करना उन लोगों के एजेंडे में कभी शामिल नहीं रहा जिन्होंने लंबे समय तक देश पर शासन किया. उन्होंने कहा कि यही वजह थी कि नेताजी को भुलाने की कोशिश की गई. पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सोच अलग है और उन्होंने हर अवसर पर नेताजी के जीवन और आदर्शों को लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया है. उन्होंने बताया कि नेताजी से जुड़ी फाइलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करना भी एक ऐतिहासिक कदम था.
‘2018 दो कारणों से बेहद खास रहा’
पीएम मोदी ने कहा कि 2018 दो कारणों से बेहद खास रहा. उस साल लाल किले पर ‘आजाद हिंद सरकार’ की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई थी. उन्हें वहां तिरंगा फहराने का अवसर मिला. उन्होंने बताया कि इस दौरान आईएनए के वेटरन ललती राम जी से उनकी मुलाकात भी बेहद यादगार रही.
अंडमान-निकोबार में तिरंगा
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी नेताजी से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को याद किया गया. श्रीविजयपुरम (जिसे पहले पोर्ट ब्लेयर कहा जाता था) में नेताजी द्वारा तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ पर उन्होंने भी ध्वजारोहण किया. इसी दौरान तीन प्रमुख द्वीपों के नाम बदले गए, जिनमें रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखा गया.
क्रांति मंदिर संग्रहालय
उन्होंने बताया कि लाल किले में बने क्रांति मंदिर संग्रहालय में नेताजी और आजाद हिंद फौज से जुड़ी कई ऐतिहासिक वस्तुएं संरक्षित हैं. इनमें नेताजी द्वारा पहनी गई टोपी भी शामिल है. उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय नेताजी के योगदान को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
ये भी पढ़ें-दिल्ली में बारिश और ठंडी हवाओं से बदला मौसम, तापमान गिरा और AQI में मामूली सुधार
कोलकाता दौरे का जिक्र
पीएम मोदी ने 2021 के कोलकाता दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस घोषित किया गया है. उन्होंने उस साल नेताजी भवन का दौरा किया था, जहां से नेताजी ने अपनी ऐतिहासिक पलायन यात्रा शुरू की थी. उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक सोच को खत्म करने और नेताजी को सम्मान देने का सबसे बड़ा उदाहरण इंडिया गेट के पास उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि यह मूर्ति आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




