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पीएम मोदी और डच पीएम की अहम बैठक: होर्मुज विवाद और ‘इंसिया’ अपहरण पर चर्चा, 14 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और नीदरलैंड के पीएम के बीच हुई लंबी बातचीत में जहां कई बड़े समझौते हुए, वहीं एक 3 साल की बच्ची ‘इंसिया’ के अपहरण का मामला भी गूंजा. आखिर क्या है यह अंतरराष्ट्रीय विवाद और क्यों यह पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है?

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पीएम मोदी और प्रधानमंत्री जेटन ने होर्मुज और पश्चिम एशिया संघर्ष को खत्म करने पर की चर्चा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के साथ आपसी संबंध को और आगे बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया. इस फैसले पर पीएम मोदी के डच समकक्ष और पीएम रॉब जेटन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के मौजूदा समय में यह जरूरी है कि नीदरलैंड भारत जैसे एक जैसी सोच वाले और अहम साथियों पर भरोसा कर सके.

होर्मुज स्ट्रेट विवाद और इंसिया अपहरण मामला

प्रधानमंत्री जेटन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत और नीदरलैंड दोनों ही लोकतांत्रिक, गुड गवर्नेंस और नियमों और न्याय पर आधारित वर्ल्ड ऑर्डर को बहुत महत्व देते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी चर्चा में होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने पर चर्चा हुई, जिससे एनर्जी की कीमतें बढ़ गई हैं. नीदरलैंड की तरह, भारत पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है. इसलिए यह जरूरी है कि इस झगड़े को खत्म किया जाए और इसका कोई निश्चित हल निकाला जाए. हमने इंसिया को उसके पिता द्वारा भारत में अगवा करने के मामले पर भी बात की.”

बता दें, इंसिया तीन साल की बच्ची है, जिसे उसके बायोलॉजिकल पिता ने अगवा करके भारत में तस्करी करके लाया था. यह मामला सितंबर 2016 का है, जब वह दो साल की थीं. इंसिया को उसके बायोलॉजिकल पिता नीदरलैंड से जर्मनी लेकर गए और फिर वहां से अवैध रूप से भारत लाए. भारत और नीदरलैंड दोनों देशों में लंबी अदालती लड़ाई चली और बॉम्बे हाईकोर्ट ने बच्ची को उसकी मां को वापस सौंपने का निर्देश दिया था. हालांकि, पिता द्वारा बच्ची को न लौटाने के कारण यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उलझ गया.

आर्थिक सहयोग पर पीएम मोदी का बयान

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ मेरी बातचीत काफी लंबी थी और इसमें कई तरह के मुद्दे शामिल थे. उनमें से एक रक्षा और सुरक्षा भी था. मैंने रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द एक एक्शन प्लान बनाने की संभावना के बारे में बात की. हम स्पेस ट्रैवल, मैरीटाइम सिस्टम और मैरीटाइम सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में भी मिलकर काम कर सकते हैं.”

पीएम मोदी ने एक और एक्स पोस्ट में लिखा, “भारत और नीदरलैंड के बीच दोस्ती का एक अहम हिस्सा आर्थिक सहयोग है. भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अनगिनत मौके देता है. फिनटेक, जरूरी मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और एआई के क्षेत्र में सहयोग की बहुत गुंजाइश है. हमने सांस्कृतिक सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की.”

डच पीएम का बयान

वहीं, नीदरलैंड के पीएम जेटन ने लिखा, “भारत और नीदरलैंड के बीच दोस्ती पूरी तरह से बढ़ रही है. यह बात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे से भी साफ दिखती है. यह एक ऐसा संबंध है जो एक-दूसरे के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाने के हमारे समझौते से और भी ऊंचे स्तर पर पहुंच रहा है. यह साझेदारी पहले से ही फायदेमंद साबित हो रही है. इस वीकेंड, हमारे देश कई लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन करेंगे, जिसमें डिफेंस सहयोग, जरूरी नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का डेवलपमेंट, हेल्थकेयर और वॉटर मैनेजमेंट जैसे एरिया शामिल हैं.”

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पीएम जेटन ने आगे कहा, “एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी मिलकर एक डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए हैं जो सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में और करीबी सहयोग की दिशा में एक जरूरी कदम है. यह उस बड़े, ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर आधारित है जो भारत और ईयू ने इस साल की शुरुआत में किया था. शॉर्ट में, हम अपने सहयोग में बहुत आगे बढ़ रहे हैं, और यह सच में एक जीत की स्थिति है.”

14 एमओयू पर हस्ताक्षर और पीएम मोदी का न्योता

आधिकारिक बातचीत के बाद तकनीक, ग्रीन एनर्जी, व्यापार, मोबिलिटी, डब्ल्यूएएच, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में 14 समझौते और एमओयू पर साइन हुए. पीएम मोदी के हेग दौरे के मौके पर एक जॉइंट स्टेटमेंट और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर रोडमैप को अपनाया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नीदरलैंड के समकक्ष जेटन को भारत आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. भारत और नीदरलैंड के बीच एक मजबूत द्विपक्षीय संबंध है जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अलग-अलग क्षेत्रों में मल्टी-फैसेटेड सहयोग पर आधारित है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा इस साझेदारी में एक अहम मील का पत्थर है.

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