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‘बुद्धि कर्म के पीछे चलती है…’,पीएम मोदी द्वारा शेयर किए गए संस्कृत श्लोक के क्या हैं मायने?

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संस्कृत सुभाषित साझा कर बताया कि धन, यश, विद्या और बुद्धि का संबंध व्यक्ति के सत्य, त्याग, अभ्यास और कर्म से होता है. पीएम की लगातार तीसरे दिन आई इस प्रेरक पोस्ट को युवा जीवन प्रबंधन और सफलता का गुरुमंत्र बता रहे हैं…

PM Modi Sanskrit Subhashit: अपनी व्यस्त कूटनीतिक यात्राओं और G7 समिट के सफल दौरों के बीच भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं और आम जनता को प्रेरित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं. गुरुवार (18 जून 2026) को पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरक संस्कृत सुभाषित (श्लोक) शेयर किया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. पीएम मोदी की इस पोस्ट को लोग जीवन प्रबंधन (Life Management) का सबसे बड़ा गुरुमंत्र मान रहे हैं.

 

‘बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जो संस्कृत श्लोक साझा किया, वह इस प्रकार है:

“सत्यानुसारिणी लक्ष्मीः कीर्तिस्त्यागानुसारिणी. अभ्याससारिणी विद्या बुद्धिः कर्मानुसारिणी..”

इस कालजयी श्लोक का हिंदी अर्थ समझाते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि इंसान का धन हमेशा उसकी सत्यनिष्ठा (सच्चाई) का अनुसरण करता है, उसका यश और कीर्ति हमेशा उसके परोपकार (त्याग) के पीछे चलती है, ज्ञान हमेशा निरंतर अभ्यास से ही हासिल होता है और मनुष्य की बुद्धि हमेशा उसके कर्मों का ही अनुसरण करती है. यानी आप जैसा कर्म करेंगे, आपकी बुद्धि वैसी ही होती जाएगी.

पिछले तीन दिनों के श्लोक का सार

बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है, पीएम मोदी पिछले तीन दिनों से लगातार देशवासियों के साथ जीवन को नई दिशा देने वाले सुभाषित साझा कर रहे हैं:

17 जून (बुधवार) का संदेश: पीएम मोदी ने आदर और सम्मान पर श्लोक साझा करते हुए लिखा था कि जब श्रेष्ठ पुरुषों द्वारा किसी को आदरपूर्वक स्वीकार किया जाता है, तो व्यक्ति के भीतर अपने ही गुणों के प्रति आत्मविश्वास दृढ़तापूर्वक जागृत हो जाता है और नई ऊर्जा का संचार होता है.

16 जून (मंगलवार) का संदेश: पीएम मोदी ने जल्दबाजी में फैसले लेने वालों को सचेत करते हुए महाकवि भारवि का प्रसिद्ध श्लोक ‘सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः’ शेयर किया था. इसका अर्थ है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे अचानक नहीं करना चाहिए, क्योंकि अज्ञानता बड़ी विपत्तियों का कारण बनती है. सोच-समझकर कदम उठाने वाले का लक्ष्मी स्वयं चुनाव करती हैं.

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युवाओं के लिए मार्गदर्शक बनीं पोस्ट

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की इस सुभाषित सीरीज को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है. छात्र, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और युवा इन श्लोकों को धड़ल्ले से री-ट्वीट और शेयर कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां तनाव और भटकाव बहुत ज्यादा है, वहां पीएम मोदी द्वारा शेयर किए गए यह प्राचीन भारतीय विचार किसी टॉर्च लाइट की तरह समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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