Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

PM Modi के विज्ञान और नवाचार पर फोकस ने भारत को दी नई दिशा: प्रो. अजय सूद

प्रो. अजय सूद को अमेरिकन अकादमी का मानद सदस्य चुना गया. पीएम मोदी के विज्ञान-नवाचार फोकस ने भारत को नई दिशा दी. स्टार्टअप, एआई, क्वांटम मिशन से भारत अग्रणी.

Ajay Sood
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

भारत के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) और भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के नेशनल साइंस चेयर प्रोफेसर अजय कुमार सूद को प्रतिष्ठित अमेरिकन अकादमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज का अंतर्राष्ट्रीय मानद सदस्य चुना गया है. यह सम्मान उनके सार्वजनिक नीति और विज्ञान में असाधारण योगदान के लिए दिया गया है. प्रो. सूद ने इसे भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज्ञान-नवाचार पर जोर की सराहना की.

प्रो. सूद ने बातचीत में बताया कि अमेरिकन अकादमी की सदस्यता को गर्व और विनम्रता का विषय बताया. 1780 में स्थापित यह अकादमी कला और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मान प्रदान करती है. प्रो. सूद ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और इसके विज्ञान-प्रौद्योगिकी तंत्र के लिए है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी को हर मंच पर प्राथमिकता दी है. मेरी भूमिका तकनीकी नीतियों के जरिए इस दिशा में योगदान देती है.”

प्रो. सूद ने पीएम मोदी के साथ काम करने के अनुभव को प्रेरणादायक बताया. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री विज्ञान और प्रौद्योगिकी को लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का साधन मानते हैं. उनके 15 अगस्त के भाषणों में ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ जैसे नारे और क्वांटम मिशन, एआई मिशन जैसी पहल उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.” उन्होंने बताया कि 2014 में 470 स्टार्टअप थे, जो अब 1.7 लाख से अधिक हो गए हैं, जो स्टार्टअप संस्कृति में उछाल को दर्शाता है.

तकनीकी नेतृत्व किया प्रदान

प्रो. सूद ने डिजिटल परिवर्तन को इसका प्रमुख उदाहरण बताया. आधार, यूपीआई, डिजिटल सिग्नेचर और शिक्षा में तकनीकी नवाचारों ने भारत को पारदर्शी और किफायती तकनीकी नेतृत्व प्रदान किया है. उन्होंने कहा, “चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, और 2070 तक नेट-जीरो कार्बन जैसे लक्ष्य पीएम मोदी के विजन का हिस्सा हैं, जो विज्ञान को भारत के विकास का केंद्र बनाते हैं. विकसित भारत 2047 का सपना भी इसी विजन का हिस्सा है.”

इस वर्ष अमेरिकन अकादमी की मानद सदस्यता पाने वालों में प्रो. सूद के अलावा माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला और ऑस्ट्रेलिया की नेशनल एकेडमी के प्रोफेसर सी. जगदीश भी शामिल हैं. चार्ल्स डार्विन, अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे पूर्व सदस्यों का जिक्र करते हुए प्रो. सूद ने कहा कि ऐसी हस्तियों के बीच शामिल होना गर्व की बात है.

वैश्विक मंच पर भारतीय मूल के लोगों के प्रभाव पर प्रो. सूद ने कहा कि भारत विज्ञान और नवाचार में अपनी छाप छोड़ रहा है. उन्होंने कहा, “शीर्ष कंपनियों में भारतीय नेतृत्व और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, भारत एआई मिशन, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसी पहलें भारत की प्रगति को दर्शाती हैं. भारतीय डायस्पोरा भी वैश्विक मंच पर भारत की साख बढ़ा रहा है.”

भारत AI मिशन में काम कर रहा है

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर प्रो. सूद ने कहा कि भारत एआई मिशन के तहत सात प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा है. उन्होंने कहा, “एआई सामाजिक और वैज्ञानिक जीवन को बदलेगा. भारत इसमें अग्रणी बनना चाहता है.” हाल ही में भारत के एलएलएम फाउंडेशन मॉडल की घोषणा और एआई सुरक्षा नीति पर काम इसका प्रमाण है.

एआई के कार्यक्षेत्र पर प्रभाव के बारे में प्रो. सूद ने कहा कि यह तकनीक सहायता प्रदान करने वाली है, न कि नौकरियां छीनने वाली. उन्होंने कहा, “एआई सेवा-आधारित क्षेत्रों को बदलेगा, लेकिन नए अवसर भी खोलेगा.”

सीमा पर चुनौतियों और वैज्ञानिक नवाचार पर प्रो. सूद ने पाकिस्तान से तुलना को खारिज करते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, डिजिटल परिवर्तन और जैव प्रौद्योगिकी में भारत अग्रणी है.

चीन के साथ प्रतिस्पर्धा पर उन्होंने कहा कि भारत को उत्पाद-केंद्रित अर्थव्यवस्था बनना होगा. डिजाइन, विनिर्माण और विपणन पर ध्यान देना होगा. उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रतिभा को इसकी ताकत बताया.

ये भी पढे़ं: जो भी पाकिस्तानी नागरिक वीजा लेकर भारत आएगा, वो यहां से वापस भगा दिया जाएगा: केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital