प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के तीन दिवसीय दौरे के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच दोस्ती और सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत की. शनिवार को कोलंबो में पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच 7 समझौतों पर मुहर लगी है. इन समझौतों में रक्षा, ऊर्जा, सूचना तकनीकी, और अन्य अहम क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उपाय किए गए. इसके अलावा, पीएम मोदी को श्रीलंका द्वारा ‘मित्र विभूषण’ सम्मान से नवाजा गया, जो उनके देश के लिए विदेशियों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है.
मित्र विभूषण से नवाजे गए पीएम मोदी
श्रीलंका में पीएम मोदी के दौरे के दौरान उन्हें ‘मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन देशों के राष्ट्राध्यक्षों को दिया जाता है जिनके श्रीलंका के साथ गहरे दोस्ताना और सहयोगपूर्ण संबंध होते हैं. पीएम मोदी ने इस सम्मान के लिए श्रीलंका की जनता और सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसे भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान बताया. उन्होंने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है.” यह पुरस्कार भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत और गहरे संबंधों का प्रतीक है.
भारत और श्रीलंका के साझा मुद्दे
प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूती देने पर जोर दिया. इसके अलावा, उन्होंने श्रीलंका से मछुआरों की रिहाई की मांग की और तमिल समुदाय के अधिकारों की रक्षा की वकालत की. मोदी ने कहा कि मछुआरों के मुद्दे पर दोनों देशों को मानवीय दृष्टिकोण से आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने मछुआरों की आजीविका और उनकी नावों की वापसी की आवश्यकता पर भी बल दिया.
भारत-श्रीलंका का विकास की दिशा में सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा श्रीलंका के विकास में सहायता प्रदान की है. उन्होंने त्रिंकोमाली के थिरुकोनेश्वरम मंदिर के पुनर्निर्माण में भारत के सहयोग की बात की और साथ ही अनुराधापुरा महाबोधि मंदिर परिसर में पवित्र शहर और ‘नुरेलिया’ में ‘सीता एलिया’ मंदिर के निर्माण में भी भारतीय सहयोग को प्राथमिकता देने का वादा किया. मोदी ने कहा, “हम सबका साथ, सबका विकास के विजन के साथ अपने पार्टनर देशों की प्राथमिकताओं का सम्मान करते हैं.”
भारत की श्रीलंका के लिए योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा में भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘MAHASAGAR’ विजन को भी रेखांकित किया, जिसमें श्रीलंका को विशेष स्थान दिया गया है. उन्होंने कहा कि भारत ने 100 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि को ऋण से ग्रांट में बदला है, जिससे श्रीलंका की विकास यात्रा को सहायता मिलेगी. यह सहयोग भारत की नीति को प्रदर्शित करता है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर उनके विकास और सुरक्षा में सहायता प्रदान करता है.
भारत हर परिस्थिति में श्रीलंका के साथ खड़ा रहा
पीएम मोदी ने श्रीलंका के लोगों के लिए भारत के निरंतर समर्थन को भी स्वीकार किया. उन्होंने कहा, “चाहे 2019 का आतंकी हमला हो, कोविड महामारी हो या हाल में आया आर्थिक संकट… हर कठिन परिस्थिति में भारत श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है.” इस संदेश के माध्यम से प्रधानमंत्री ने भारत के समर्पण और सहयोग को श्रीलंका के लिए एक सशक्त सहायक के रूप में प्रस्तुत किया.
श्रीलंका के राष्ट्रपति का संदेश
श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि श्रीलंका को भारत की सहायता और एकजुटता बेहद अहम है. राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि श्रीलंका अपने भू-क्षेत्र का उपयोग भारत के खिलाफ नहीं होने देगा. उन्होंने भारत के साथ मिलकर डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास पर भी चर्चा की. इसके तहत, श्रीलंका के यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए भारत सरकार द्वारा 300 करोड़ रुपये के वित्तीय अनुदान का वादा किया गया.
ऊर्जा, रक्षा और डिजिटल परिवर्तन में सहयोग
भारत और श्रीलंका के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें प्रमुख थे:
रक्षा सहयोग – भारत और श्रीलंका के बीच पहली बार रक्षा सहयोग पर एक समझौता हुआ.
ऊर्जा केंद्र का विकास – त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक समझौता हुआ, जिसमें भारत और श्रीलंका के साथ संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल है.
HVDC इंटरकनेक्शन – भारत और श्रीलंका के बीच बिजली के आयात-निर्यात के लिए HVDC इंटरकनेक्शन की दिशा में कदम बढ़ाया गया.
डिजिटल परिवर्तन – भारत और श्रीलंका ने डिजिटल समाधानों को साझा करने और उनके सफल कार्यान्वयन के लिए सहयोग पर सहमति व्यक्त की.
स्वास्थ्य और चिकित्सा सहयोग – स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग पर समझौता हुआ.
फार्माकोपिया सहयोग – फार्माकोपिया आयोग और औषधि विनियामक प्राधिकरण के बीच समझौता हुआ.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रीलंका दौरा भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा में ले गया है. इस यात्रा के दौरान किए गए समझौते और पीएम मोदी के द्वारा श्रीलंका को दिया गया ‘मित्र विभूषण’ सम्मान दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेंगे. यह भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.
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-भारत एक्सप्रेस
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