PM Modi Mark Carney Meet: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की अगवानी की. हैदराबाद हाउस में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को सामान्य बनाना और द्विपक्षीय साझेदारी, विशेषकर आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में, को फिर से मजबूत करना है.
ट्रेड, एनर्जी और एआई (AI) पर फोकस
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की यह यात्रा भारत और कनाडा के बीच ‘रचनात्मक और संतुलित साझेदारी’ को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है. दोनों नेताओं ने निम्नलिखित प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की
- व्यापार और निवेश: भारत-कनाडा सीईओ फोरम के माध्यम से दोनों देशों के बीच आर्थिक एक-दूसरे के पूरक (Economic Complementarity) बनने पर जोर
- नवाचार और एआई: मार्क कार्नी ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी कि दोनों देश टैलेंट, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में नई साझेदारी बना रहे हैं
- ऊर्जा और खनिज: भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए ‘जरूरी मिनरल्स’ (Critical Minerals) और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग की समीक्षा की गई
दिन भर का व्यस्त कार्यक्रम
प्रधानमंत्री कार्नी की यह यात्रा संक्षिप्त लेकिन रणनीतिक रूप से बहुत प्रभावी है. सुबह विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पीएम कार्नी से मुलाकात की. जयशंकर ने आगे की साझेदारी के लिए कार्नी की प्रतिबद्धता की सराहना की. हैदराबाद हाउस में वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान और प्रेस स्टेटमेंट जारी किए गए. दोपहर 01:50 बजे भारत मंडपम में दोनों प्रधानमंत्री ‘भारत-कनाडा सीईओ फोरम’ को संबोधित करेंगे, जहाँ उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ निवेश पर चर्चा होगी.
रिश्तों में ‘नया मोड़’ और आपसी सम्मान
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा तब हो रहा है जब दोनों देशों के संबंध एक ‘अहम मोड़’ पर हैं. दोनों प्रधानमंत्री इस बात पर सहमत हुए हैं कि भविष्य की साझेदारी. एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति आपसी सम्मान पर आधारित होगी. लोगों के बीच (People-to-people) मजबूत संबंधों को प्राथमिकता देगी. वैश्विक विकास और क्षेत्रीय सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण रखेगी.
ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात के कारण CBSE ने टाल दी आज की परीक्षाएं, जानें अब कब होंगी?
मार्क कार्नी का संदेश
दिल्ली पहुंचते ही पीएम कार्नी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया. उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा दो ‘आत्मविश्वासी’ देश हैं जो अपने लोगों की सुरक्षा और खुशहाली के लिए हिम्मत के साथ एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ना चाहते हैं. पीएम मोदी और मार्क कार्नी की यह मुलाकात कूटनीतिक गतिरोध को तोड़कर एक ‘फ्यूचर-ओरिएंटेड’ (भविष्योन्मुखी) साझेदारी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. व्यापारिक और तकनीकी मोर्चों पर यह सहयोग दोनों देशों के लिए ‘विन-विन’ स्थिति पैदा कर सकता है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




