Pensioners digital life certificate scheme
देश के बेरोजगार युवाओं और रोजगार बाजार के लिए शुक्रवार का दिन एक ऐतिहासिक सौगात लेकर आ रहा है. पीएम मोदी आज शाम 5 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपए की भारी-भरकम प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर करेंगे. इस मेगा इवेंट से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर देश के युवाओं में नया जोश भर दिया है.
केंद्र सरकार की यह फ्लैगशिप योजना देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने और कॉर्पोरेट जगत को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करने का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है. पीएमओ के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने अपनी शुरुआत के कुछ ही महीनों के भीतर देश भर में 15 लाख से अधिक नए औपचारिक रोजगार अवसरों का सृजन कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है.
पहली नौकरी पर 15 हजार का बोनस
इस योजना का सबसे क्रांतिकारी पहलू यह है कि इसमें पहली बार नौकरी (First Job) पाने वाले युवाओं को कार्यक्षेत्र में कदम रखते ही सरकार की तरफ से 15,000 रुपए तक की एकमुश्त वित्तीय प्रोत्साहन राशि सीधे दी जा रही है. यह मदद युवाओं को करियर की शुरुआत में एक मजबूत आर्थिक संबल प्रदान करती है. सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं (Employers) को भी सरकार प्रति नए कर्मचारी पर 3,000 रुपए प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि दे रही है, जिससे कंपनियों पर आर्थिक बोझ कम हो और वे ज्यादा से ज्यादा नियुक्तियां कर सकें.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को ‘स्पेशल बूस्टर’
देश के आर्थिक विकास को गति देने और भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने के लिए मोदी सरकार ने इस योजना में मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी है. रणनीति के तहत, विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ता पूरे 4 वर्षों की लंबी अवधि के लिए इस सरकारी प्रोत्साहन का लाभ उठाने के पात्र होंगे, जबकि अन्य सभी सेक्टर्स के नियोक्ताओं को यह लाभ 2 वर्षों के लिए प्रदान किया जाएगा. यह कदम सुनिश्चित करता है कि भारत की आर्थिक प्रगति के लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहकर देश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और स्थायी औपचारिक रोजगार के अवसरों में परिवर्तित हों.
3.5 करोड़ नौकरियों का महा-लक्ष्य
गौरतलब है कि ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ को महज दो वर्षों के भीतर देश का रोजगार परिदृश्य बदलने के लिए डिजाइन किया गया है. 99,446 करोड़ रुपए के विशाल कुल बजट (परिव्यय) वाली इस योजना का अंतिम लक्ष्य दो सालों में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित करना है. सबसे खास बात यह है कि इन कुल लाभार्थियों में से लगभग 1.92 करोड़ ऐसे युवा होंगे, जो अपने जीवन में पहली बार औपचारिक कार्यबल (Formal Workforce) का हिस्सा बनेंगे. श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को एक साथ आर्थिक सुरक्षा चक्र में लाकर यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है.
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