Bharat Express DD Free Dish

नोएडा में ‘सब्सिडी लोन’ के नाम पर चल रहे खेल का हुआ पर्दाफाश! PMEGP योजना का झांसा देकर ठगने वाला गैंग गिरफ्तार

Noida पुलिस ने PMEGP लोन और सरकारी सब्सिडी के नाम पर ठगी करने वाले बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है. बिसरख पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में मोबाइल, सिम कार्ड और लोगों का डेटा बरामद किया है…

Edited by Rohit Agrawal

सेंट्रल नोएडा की बिसरख थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ (PMEGP Loan Fraud Noida) किया है जो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के नाम पर देशभर में लोगों को ठग रहा था.

बता दें कि पुलिस ने इस गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाकर लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे. वहीं इसी पूरे मामले पर हमारे संवाददाता समीर आलम ने सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र सिंह के साथ खास बातचीत की.

जानें क्या है पूरा मामला?

यह गिरोह मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था जो अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी लोन की तलाश में होते थे. प्रधानमंत्री एंप्लॉयमेंट प्रोग्राम (PMEGP) के तहत मिलने वाली भारी सब्सिडी का लालच देकर ये ठग लोगों को यकीन दिलाते थे कि वे उन्हें आसानी से लोन पास करा देंगे. एक बार जब कोई इनके झांसे में आ जाता, तो ये ‘फाइल चार्ज’ और ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल लेते थे.

कैसे करते थे ठगी?(PMEGP Loan Fraud Noida)

दरअसल ठगी के इस धंधे को चलाने के लिए गिरोह ने आधुनिक रास्ता अपनाया था. ये फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘आधार कार्ड’ और ‘पैन कार्ड’ बनाने या सुधारने के नाम पर विज्ञापन चलाते थे.

जैसे ही कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों के जरिए इनसे संपर्क करता, ये उन्हें सस्ते सरकारी लोन और सब्सिडी का ऑफर देकर अपनी बातों में उलझा लेते थे. अब तक यह गैंग सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुका है.

ये भी पढ़ें-‘अब बहुत हुआ!’ तमिलनाडु सीएम विजय ने की NEET खत्म करने की मांग, पेपर लीक से छात्रों में भारी गुस्सा

भारी मात्रा में मोबाइल और डेटा बरामद

बिसरख पुलिस ने जब इन ठगों के ठिकाने पर छापेमारी (PMEGP Loan Fraud Noida) की, तो वहां से बरामद सामान देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 कीपैड मोबाइल फोन (कॉलिंग के लिए इस्तेमाल) और 3 एंड्राइड स्मार्टफोन के साथ साथ भारी मात्रा में लोगों का डेटा और सिम कार्ड बरामद किए हैं. ज्ञात रहे इन मोबाइल्स का इस्तेमाल ये अलग-अलग पहचान बताकर लोगों को कॉल करने के लिए करते थे ताकि किसी को शक न हो.

डीसीपी शैलेंद्र सिंह का खुलासा

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था. गिरफ्तार किए गए 6 आरोपी काफी समय से इस फर्जीवाड़े में शामिल थे. पुलिस अब इनके बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कुल कितने करोड़ की ठगी की है. पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या बैंक से ही संपर्क करें, सोशल मीडिया के विज्ञापनों के बहकावे में न आएं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read