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MP Election 2023: प्रचार करने पहुंचे नेताजी तो जनता ने मांगा हिसाब, पूर्व विधायक बोले- वोट मत देना

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान जोरों पर है. सभी पार्टियों के उम्मीदवार गांव से लेकर शहर तक जनता के बीच पहुंचकर वोट मांग रहे हैं. इस दौरान कई नेताओं को जनता की नाराजगी का सामना भी करना पड़ रहा है.

BJP प्रत्याशी के खिलाफ हुई नारेबाजी

BJP प्रत्याशी के खिलाफ हुई नारेबाजी

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान जोरों पर है. सभी पार्टियों के उम्मीदवार गांव से लेकर शहर तक जनता के बीच पहुंचकर वोट मांग रहे हैं. इस दौरान कई नेताओं को जनता की नाराजगी का सामना भी करना पड़ रहा है. इसी कड़ी में बीजेपी के पूर्व विधायक राजेंद्र मेश्राम को भी जनता के गुस्से का शिकार होना पड़ा. राजेंद्र मेश्राम सिंगरौली जिले की देवसर विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी हैं. जहां वे कथूरा गांव में अपने समर्थकों के साथ वोट मांगने पहुंचे थे. मेश्राम जैसे ही कथूरा गांव में पहुंचे तो वहां की जनता ने विरोध शुरू कर दिया और मुर्दाबाद के नारे लगाए. विरोध को देखते हुए राजेंद्र मेश्राम ने ग्रामीणों से कहा कि आप वोट मत देना, लेकिन उनकी बातों को जरूर एकबार सुन लें.

चुनाव प्रचार करने पहुंचे बीजेपी प्रत्याशी

बता दें कि बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र मेश्राम कथूरा गांव में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान वे जीतने के बाद गांव में पक्की सड़कें बनाने का वादा कर रहे थे. तभी लोगों ने उनसे सवाल पूछ लिया कि पिछले 15 सालों से आपकी सरकार है. इस दौरान गांव की याद नहीं आई. अब जब चुनाव आ गए हैं तो बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं. लोगों का कहना था कि उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है. नौकरी के लिए लाखों की रिश्वत देनी पड़ती है.

विरोध के बाद वापस लौटे राजेंद्र मेश्राम

राजेंद्र मेश्राम देवसर सीट से प्रत्याशी हैं. उन्होंने अपना प्रचार शुरू कर दिया है. जिसके तहत कथूरा गांव पहुंचे थे, लेकिन भारी विरोध के चलते उन्हें उल्टे पैर गांव से वापस लौटना पड़ा. भीड़ ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

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गांव में कई सालों से नहीं हुआ विकास का काम

लोगों से जब राजेंद्र मेश्राम ने बात की तो, उन्होंने बताया कि उनके गांव में पिछले कई सालों से विकास के नाम पर कोई भी काम नहीं कराया गया है. जिसमें राजेंद्र मेश्राम का कार्यकाल भी शामिल है. गांव के पढ़े-लिखे युवा नौकरी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. स्थानीय कंपनियों में भी उन्हें नौकरी नहीं मिलती है. अब चुनाव आने पर सिर्फ झूठे वादे किए जा रहे हैं.

राज्य में 17 नवंबर को मतदान होगा

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं. इन सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होगा. 3 दिसंबर को मतों की गणना होगी. राज्य में कांग्रेस-बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



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