Rahul Bansal Bribery Allegations- Bharat Express
Rahul Bansal Bribery Allegations: यह कहानी है राजस्थान के एक ऐसे युवा की, जिसने पढ़ाई में तेज होने के साथ देश और समाज की सेवा का सपना देखा. मेहनत की, सिविल सेवा परीक्षा पास की और आईपीएस बनने का मुकाम हासिल किया. परिवार से लेकर गांव-शहर तक हर किसी को उम्मीद थी कि राहुल बंसल अब सिस्टम में बदलाव की नई मिसाल कायम करेंगे.
राहुल बंसल को आईपीएस बनने के बाद छत्तीसगढ़ कैडर मिला. नई जिम्मेदारी के साथ वह छत्तीसगढ़ पहुंचे. उनकी छवि एक सख्त और ईमानदार अधिकारी की बनने लगी. लेकिन आज वही राहुल बंसल रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में हैं. हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है और शुरुआती स्तर पर उनके खिलाफ ठोस सबूत मिलने की बात अधिकारियों ने नहीं कही है.
मॉक इंटरव्यू में सुनाया था 500 रुपये की रिश्वत का किस्सा
राहुल बंसल की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हो रही है क्योंकि सिविल सेवा इंटरव्यू की तैयारी के दौरान एक मॉक इंटरव्यू में उन्होंने खुद से जुड़ा एक किस्सा साझा किया था. उन्होंने बताया था कि एक समय हालात के आगे मजबूर होकर उन्हें 500 रुपये की रिश्वत देनी पड़ी थी. बताया जाता है कि उस घटना का उन्हें काफी अफसोस था. इसी अनुभव के बाद उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और अपने कार्यक्षेत्र में रिश्वत को जगह न देने का संकल्प लिया था. उनका यही कथित ईमानदार रवैया अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मॉक इंटरव्यू का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है.
21 लाख की साइबर ठगी का मामला बना विवाद की वजह
मामला तब सुर्खियों में आया जब छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में राहुल बंसल सिटी एसपी के पद पर तैनात थे. इसी दौरान करीब 21 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा एक मामला सामने आया. आरोप है कि इस केस की जांच के दौरान मुख्य आरोपियों के नाम हटाने के एवज में राहुल बंसल और उनकी टीम ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की. मामले ने उस वक्त नया मोड़ लिया, जब एक आरोपी के रिश्तेदार ने कथित रिश्वत बातचीत से जुड़े वॉट्सऐप कॉल और स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड कर लिए. इसके बाद मामला दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट तक पहुंचा.
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दो किस्तों में हवाला के जरिए रकम लेने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया कि रिश्वत की रकम 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में हवाला के जरिए ली गई. शिकायत सामने आने के बाद अदालत ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी और सीबीआई से मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी. हालांकि, राहुल बंसल पर लगे आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. शुरुआती जांच को लेकर अधिकारियों की ओर से यह बात सामने आई है कि उनके खिलाफ फिलहाल कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
EWS कोटे को लेकर भी उठे सवाल
विवाद के बीच राहुल बंसल की सिविल सर्विस में नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. खबरों में दावा किया जा रहा है कि आईपीएस बनने से पहले वह इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी थे. इसी आधार पर सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहा है कि उन्हें EWS कोटे के तहत आईपीएस चयन कैसे मिला. हालांकि, इस दावे और उनकी पात्रता को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. इसलिए इस सवाल का जवाब भी संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही तय किया जा सकता है.
वायरल हो रहा मॉक इंटरव्यू
फिलहाल राहुल बंसल का पुराना मॉक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें उनके द्वारा ईमानदारी, रिश्वत और सिस्टम को लेकर कही गई बातें अब मौजूदा आरोपों के संदर्भ में चर्चा का विषय बन गई हैं. एक तरफ उनके पुराने बयान हैं, जिसमें वह रिश्वत देने के अपने अनुभव और भ्रष्टाचार के खिलाफ संकल्प की बात करते नजर आते हैं. दूसरी तरफ अब उन्हीं पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं.
हालांकि, आरोप और अपराध सिद्ध होने में फर्क है. इसलिए पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी. फिलहाल राहुल बंसल का नाम आरोपों, जांच और वायरल मॉक इंटरव्यू के बीच चर्चा में बना हुआ है.
भारत एक्सप्रेस
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