केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को मानेसर स्थित मारुति सुजुकी लिमिटेड में भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इन प्लांट रेलवे साइडिंग का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया. पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत पंजीकृत मानेसर रेलवे साइडिंग को हरियाणा के सोनीपत से पलवल के बीच 126 किमी लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के हिस्से के रूप में तैयार किया गया है.
इस रेलवे लाइन की सहायता से मारुति साल भर में अपनी 4.5 लाख गाड़ियों को गंतव्य तक पहुंचा सकेगी. इस परियोजना को संयुक्त उद्यम कंपनी हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा चलाया जाएगा. मारुति ने भीतरी यार्ड के विकास में 127 करोड़ रुपया खर्च किया है. कंपनी 325 करोड़ रुपये खर्च करने की जिम्मेदारी ली है. इस पूरी परियोजना में 452 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं.
मारुति के भीतर 46 एकड़ में फैली रेलवे साइडिंग पूरी तरह विद्युतीकृत कॉरिडोर है. कंपनी में रेलवे ट्रैक की लंबाई 8.2 किमी है. 126 किमी लंबा एचओआरसी सोनीपत को खरखौंदा, पातली, मानेसर और सोहना के रास्ते पलवल को जोड़ता है. फिलहाल 5.7 किमी का ट्रैक से पातली रेलवे स्टेशन को मानेसर के प्लांट से जोड़ा गया है.
ट्रेनों में 1200 से ज्यादा जनरल कोच बढ़ाए गए
इस मौके पर मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले एक साल में जनरल के 1200 से ज्यादा कोच बढ़ाए गए हैं. पैसेंजर गाड़ियों को सुविधा संपन्न किए जाने का एक नया फैसला किया गया है. इसके तहत कम दूरी के लिए 100 मेन लाइन ईएमयू बनाई जाएगी. नई मेन लाइन ईएमयू 16 और 20 कोच की बनाई जाएगी. इससे कम दूरी के यात्रियों को लाभ होगा.
इसके लिए तेलंगाना के वारंगल में एक नई फैक्ट्री बनाई गई है. 50 नई नमो भारत ट्रेन शुरू की जाएगी.इस तरह 150 नई पैंसजर गाड़ियों से लोगों को सुविधाएं मिलेगी. उन्होंने कहा कि 130 अमृत भारत स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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