Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

‘अस्थिरता के मुहाने पर खड़ी है दुनिया…’; 110 देशों के सामने पीएम मोदी ने जताई चिंता; रायसीना डायलॉग में क्या कहा?

नई दिल्ली में आज से शुरू हुए वैश्विक कूटनीति के महाकुंभ ‘रायसीना डायलॉग 2026’ में पीएम मोदी ने दुनिया की वर्तमान स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है. इजरायल-ईरान और यूक्रेन संकट के साये में हो रहे इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक अस्थिरता पर चिंता जताते हुए भारत और यूरोप के बीच बढ़ती नजदीकियों को भविष्य की उम्मीद बताया.

PM Modi In Raisina Dialogue 2026

PM Modi In Raisina Dialogue 2026: पीएम मोदी ने गुरुवार शाम भारत के प्रतिष्ठित भू-राजनीतिक मंच ‘रायसीना डायलॉग’ के 11वें संस्करण का उद्घाटन किया. 110 देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक संघर्षों की ओर इशारा करते हुए एक बेहद गंभीर संदेश दिया. उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान समय में दुनिया जिस अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, उससे निपटने के लिए भारत और यूरोप जैसे लोकतांत्रिक साझेदारों का एक साथ आना समय की मांग है.

दुनिया के सामने चुनौतियों का पहाड़- पीएम मोदी

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, “आज दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के मुहाने पर खड़ी है. यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया (इजरायल-ईरान युद्ध) तक संघर्ष बना हुआ है.” प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरा मिडिल ईस्ट बारूद के ढेर पर बैठा है. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि इन संघर्षों का असर केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है.

भारत-यूरोप संबंधों का ‘सुनहरा दौर’

पीएम मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब की मौजूदगी में भारत और यूरोप के बीच बढ़ते सामरिक महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा, “हम भारत-यूरोप संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं. भारत और फिनलैंड का सहयोग आज की बदलती दुनिया को मजबूती दे रहा है.”

इससे पहले, हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति स्टब के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया. पीएम ने राष्ट्रपति स्टब का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जैसे विजनरी लीडर का रायसीना डायलॉग में चीफ गेस्ट बनना भारत के लिए सम्मान की बात है.

‘संस्कार’ से ही निकलेगा समाधान

इस साल रायसीना डायलॉग की थीम ‘संस्कार – दावा, समायोजन, उन्नति’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विवादों के बीच भी किस तरह तालमेल (Accommodation) बिठाकर आगे बढ़ा जा सकता है, भारत इसका उदाहरण पेश कर रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह तीन दिवसीय मंथन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य और वैश्विक शांति के लिए नए रास्ते खोलेगा.

  • सम्मेलन में 110 देशों के 2,700 से अधिक दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं.
  • वैश्विक शक्ति संतुलन, साइबर सुरक्षा, क्लाइमेट चेंज और ‘टेक्नोपोलर’ दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा
  • भारत ने एक बार फिर खुद को ‘विश्व मित्र’ और ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज के रूप में पेश किया है, जो युद्ध नहीं बल्कि संवाद के जरिए समाधान का पक्षधर है

ये भी पढ़ें: क्या गर्म तासीर वाला तिल का तेल गर्मियों में सही है? जानें नियम

पीएम के इस संबोधन ने रायसीना डायलॉग के मंच से एक स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच एक स्थिर शक्ति के रूप में खड़ा है. फिनलैंड के साथ हुए समझौते और यूरोप के साथ बढ़ती रणनीतिक साझेदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय विमर्श (Narrative) तय करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital