Rajasthan Cabinet Decisions: राजस्थान में विकास और जनकल्याण की रफ़्तार को और तेज़ करते हुए आज दिनांक 31 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद् की बैठक ने कई ऐतिहासिक निर्णयों को जन्म दिया. इन निर्णयों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सरकार का हर कदम “जनसेवा, सुशासन और सशक्त राजस्थान” की दिशा में उठ रहा है.
बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 को और कठोर प्रावधानों के साथ विधानसभा में लाना रहा. इस विधेयक के तहत कपट, बल, प्रलोभन या अनुचित प्रभाव से कराए गए धर्म परिवर्तन को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाएगा.
निःशुल्क बिजली योजना का विस्तार
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कानून के बनने के बाद यदि कोई व्यक्ति या संस्था मिथ्या निरूपण या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कराती है तो उसे न्यूनतम 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा और लाखों रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा.
महिलाओं, नाबालिगों, दिव्यांगजनों तथा एससी-एसटी वर्ग के खिलाफ किए गए अपराधों पर और भी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. सामूहिक धर्म परिवर्तन पर आजीवन कारावास और भारी जुर्माना लगाया जाएगा. भजनलाल सरकार का यह निर्णय सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है.
बिजली उपभोक्ता अब ऊर्जादाता
मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना को और मज़बूत करते हुए अब 1 करोड़ 4 लाख पंजीकृत उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 150 यूनिट निःशुल्क बिजली मिलेगी. छत वाले घरों में मुफ्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे और जिनके पास छत नहीं है, उनके लिए सामुदायिक सोलर संयंत्र स्थापित होंगे. पहले 10 लाख लाभार्थी उपभोक्ताओं को डिस्कॉम्स की ओर से 1100 रुपये का प्रोत्साहन भी मिलेगा. यह पहल राजस्थान को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर करेगी.
शहरी विकास की नई तस्वीर
राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में दो लाख स्ट्रीट लाइटें लगाने और सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन करने का बड़ा फैसला लिया है. इससे सभी नगरीय निकायों में सुव्यवस्थित सीवरेज नेटवर्क विकसित होगा और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
राजसेस महाविद्यालयों में 4,724 शैक्षणिक और अशैक्षणिक पदों पर भर्ती की जाएगी. इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और कॉलेजों को सशक्त शिक्षण व्यवस्था मिलेगी. बैठक में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के लिए सेवा नियमों को मंजूरी दी गई, जिससे नियमित भर्ती का मार्ग प्रशस्त होगा. विभिन्न विभागों में पदोन्नति और नए पद सृजित करने जैसे निर्णय भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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