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ठाणे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिया देशभक्ति का संदेश

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर महारष्ट्र के ठाणे जिले में तिरंगा फहराया. भिवंडी के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने तिरंगे को सलामी भी दी.

Rashtriya Swayamsevak Sangh chief Mohan Bhagwat

ठाणे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने महाराष्ट्र के ठाणे में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इस मौके पर संघ के सदस्यों, गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय नागरिकों की भारी उपस्थिति रही. तिरंगा फहराने के बाद मोहन भागवत ने देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता को बनाए रखने का आह्वान किया.

ध्वजारोहण समारोह

ठाणे के स्थानीय संघ कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मोहन भागवत ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संविधान की गरिमा और हमारे स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए कहा, “गणतंत्र दिवस न केवल हमारे संविधान के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें.”

देशभक्ति का संदेश

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने युवाओं से देश की संस्कृति और परंपराओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, “भारत केवल एक भूगोल नहीं है, यह एक जीवित संस्कृति है. हमें अपनी संस्कृति और मूल्य आधारित जीवन को अपनाकर विश्व में भारत का नाम ऊंचा करना है.”कार्यक्रम में आरएसएस के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे. भागवत ने संघ के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे समाज में समरसता और सहयोग का संदेश फैलाएं. उन्होंने सभी को संविधान के मूल्यों का पालन करने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया.  कार्यक्रम में देशभक्ति गीत गाए गए और बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. स्थानीय नागरिकों ने भी बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी.

संविधान और तिरंगे का सम्मान

मोहन भागवत ने अपने भाषण में संविधान के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “संविधान हमारा मार्गदर्शक है, और तिरंगा हमारे स्वाभिमान का प्रतीक. हमें इसकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए और इसे हमेशा ऊंचा रखना चाहिए.”ठाणे में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल आरएसएस के सदस्यों के लिए, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी प्रेरणादायक रहा. मोहन भागवत ने अपने संदेश से लोगों को देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूक किया. उनका यह कदम संविधान और तिरंगे के प्रति सम्मान को और गहरा करता है. 76वें गणतंत्र दिवस पर संघ की यह पहल देशवासियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करने की प्रेरणा देती है.

-भारत एक्सप्रेस 



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