राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने शनिवार को राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर पार्टी का पक्ष सामने रखा. बातचीत के दौरान उन्होंने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की सेहत, वंदे मातरम, परिसीमन विधेयक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी.
भाई वीरेंद्र ने बताया कि लालू प्रसाद यादव की तबीयत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि लालू यादव का पहले किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है और वह कई दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं. ऐसे में उनकी देखभाल में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि जिस इलाके में लालू यादव का आवास है, वहां आसपास की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं है. इसी वजह से उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि किसी तरह का खतरा पैदा न हो.
वंदे मातरम पर अपनी राय रखते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय गीत गाना पूरी तरह सही है और यह देशहित में है. उन्होंने कहा कि वह इसका समर्थन करते हैं, लेकिन ऐसा कोई कानून नहीं बनाया जाना चाहिए जिससे बेवजह विवाद खड़ा हो. हर व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए.
परिसीमन विधेयक पर सरकार को घेरा
परिसीमन विधेयक और इंडिया गठबंधन की रणनीति पर बोलते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि अभी विधेयक का अंतिम स्वरूप सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार भी यह विधेयक आगे नहीं बढ़ पाया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसी भी तरह आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है. उनका दावा था कि विपक्षी नेताओं पर ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दबाव बनाकर समर्थन हासिल करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि इंडिया ब्लॉक पूरी तरह एकजुट है और इस मुद्दे पर मजबूती से अपनी बात रखेगा.
RSS को लेकर राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर भी भाई वीरेंद्र ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आरएसएस को राष्ट्रसेवा करने वाला और “सभ्यतागत शक्ति” वाला संगठन बताया था. इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौरान आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जब देश स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था, तब संगठन ने उस आंदोलन में भागीदारी नहीं की. इसी आधार पर उन्होंने राजनाथ सिंह के बयान से असहमति जताई.
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश की सेवा करने वाला एक ऐसा संगठन है, जिसे अपनी भूमिका साबित करने के लिए किसी सरकारी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.
मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर भी दिया जवाब
राजद के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे की चर्चाओं पर भी भाई वीरेंद्र ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. उनके अनुसार, मृत्युंजय तिवारी आज भी राष्ट्रीय जनता दल का हिस्सा हैं और पार्टी उन्हें अपने साथ ही मानती है.
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