Railway Protection Force: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 2021 से अब तक 916 लोगों को पकड़ा है, जिनमें 586 बांग्लादेशी और 318 रोहिंग्या नागरिक शामिल हैं. यह कार्रवाई भारतीय रेल नेटवर्क को अवैध घुसपैठ से बचाने की दिशा में RPF की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
जून और जुलाई 2024 में बड़ी कार्रवाई
2024 के जून और जुलाई में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) क्षेत्र के अंतर्गत RPF ने 88 बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को पकड़ा. इनमें से कई ने यह स्वीकार किया कि वे अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर चुके थे और ट्रेन के माध्यम से कोलकाता और अन्य गंतव्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे.
अवैध घुसपैठ का ट्रांजिट रूट बना असम
अक्टूबर 2024 की रिपोर्टों में यह बताया गया कि बांग्लादेश सीमा पर बढ़ी सुरक्षा के बावजूद अवैध घुसपैठ जारी है. असम को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करते हुए ये घुसपैठिए भारतीय रेलवे का उपयोग कर देश के अन्य हिस्सों तक पहुंच रहे हैं. यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती है बल्कि रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को भी जटिल बनाता है.
सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय
इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए, RPF ने सीमा सुरक्षा बल (BSF), स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों के साथ सहयोग बढ़ा दिया है. इस इंटर-एजेंसी समन्वय ने ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाया है, जिससे अवैध घुसपैठ में शामिल व्यक्तियों की पहचान और उन्हें पकड़ने में सफलता मिली है.
कानूनी कार्रवाई का जिम्मा पुलिस पर
हालांकि RPF को सीधे गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार नहीं है. पकड़े गए व्यक्तियों को पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया जाता है, जो आगे की कानूनी कार्रवाई करती हैं.
भू-राजनीतिक और सामाजिक कारक घुसपैठ के मुख्य कारण
पड़ोसी देशों, जैसे बांग्लादेश और म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक-धार्मिक कारणों के चलते बड़ी संख्या में लोग शरण, रोजगार और आवास की तलाश में भारत में प्रवेश कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें: अदाणी-इस्कॉन मना रहे हैं ग्रीन एंड क्लीन महाकुंभ, ना प्लास्टिक का इस्तेमाल, ना प्रदूषण करने वाले ईंधन का
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


