Salim Dola Deport India: भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के गुनहगार दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, भारत के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं. मंगलवार सुबह तुर्की के इस्तांबुल से डिपोर्ट कर दाऊद इब्राहिम के सबसे खास सिपहसालार सलीम डोला को दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट लाया गया.
बताते चलें कि सुरक्षा एजेंसियों का यह (Salim Dola Arrest) ‘खामोश ऑपरेशन’ अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. 1993 के धमाकों के बाद से फरार दाऊद के ग्लोबल ड्रग सिंडिकेट को सलीम डोला ही संचालित कर रहा था.
इस्तांबुल के ‘बेयलिकडुजु’ में ढहा डोला का किला(Salim Dola Arrest)
दरअसल सलीम डोला पिछले कई महीनों से तुर्की में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था. इस्तांबुल पुलिस की ‘नारकोटिक्स क्राइम्स डिवीजन’ ने एक खुफिया जानकारी के आधार पर बेयलिकडुजु जिले में एक गुप्त छापेमारी की. तकनीकी और फिजिकल सर्विलांस के जरिए डोला को ट्रैक किया गया और 25 अप्रैल को उसे धर दबोचा गया. चूंकि डोला के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था, इसलिए भारतीय एजेंसियों ने बिना वक्त गंवाए उसे भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी की.
सलीम डोला का सिंडिकेट कितना खतरनाक?(Dawood Ibrahim Network)
बता दें कि सलीम डोला कोई मामूली अपराधी नहीं है. भायखला की गलियों से गुटखा तस्करी शुरू करने वाला डोला आज 5,000 करोड़ रुपये के ग्लोबल ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बन चुका है. यह भी ज्ञात रहे कि छोटा शकील ने भी डोला को भारत में एमडी (Mephedrone) और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई की कमान सौंपी थी.
वहीं ईडी की जांच में सामने आया है कि डोला ड्रग्स से होने वाली कमाई को अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के जरिए दाऊद के आतंकी नेटवर्क तक पहुँचाता था. डोला का बेटा ताहिर डोला भी 2025 में दुबई से प्रत्यर्पित किया जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि एजेंसियां पूरे परिवार के जरिए डी-कंपनी की जड़ों को खोद रही हैं.
NCB से लेकर ED और मुंबई पुलिस का शिकंजा
सलीम डोला के भारत आने के साथ ही उस पर तीन बड़ी एजेंसियां शिकंजा कसेंगी:
खुफिया एजेंसियां: इस्तांबुल से लाने के बाद दिल्ली में उससे दाऊद के मौजूदा ठिकानों और डी-कंपनी की फंडिंग पर पूछताछ की जा रही है.
NCB और मुंबई पुलिस: मुंबई के कुर्ला और अन्य इलाकों में पकड़ी गई 126 किलो एमडी ड्रग्स के मामले में डोला मुख्य आरोपी है.
ED (प्रवर्तन निदेशालय): मनी लॉन्ड्रिंग और पनामा पेपर्स जैसे लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि दाऊद की अवैध संपत्तियों का पता लगाया जा सके.
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अगला नंबर दाऊद का? सुरक्षा गलियारों में सुगबुगाहट
सलीम डोला की गिरफ्तारी (Salim Dola Arrest) को एक ‘ट्रेलर’ माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह भारत ने हाल के वर्षों में तुर्की, यूएई और अन्य देशों के साथ मिलकर डी-कंपनी के एक-एक मोहरे (जैसे फारूक टकला, ताहिर डोला) को वापस लाया है, वह दिन दूर नहीं जब दाऊद इब्राहिम को भी कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा. डोला के पास दाऊद के पाकिस्तान और दुबई वाले उन ठिकानों की जानकारी हो सकती है, जो अब तक पहेली बने हुए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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