बांकीपुर उपचुनाव के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहली बार दिल्ली पहुंचे हैं. उनका यह दौरा दो दिन का है, लेकिन शुक्रवार को हुई एक अहम बैठक ने इसकी राजनीतिक अहमियत बढ़ा दी है. कर्तव्य भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में बिहार से जुड़े विकास, वित्त और प्रशासन के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में बड़े नेताओं के साथ-साथ वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी ने भी संकेत दिया कि बातचीत सिर्फ औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं थी.
बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा शामिल रहे. बिहार के मुख्य सचिव समेत राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी भी रही. ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्र और बिहार सरकार के बीच आने वाले दिनों की प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर स्तर पर चर्चा हुई है.
नेपाल सीमा और बाढ़ का मुद्दा अहम
बैठक में सबसे अहम विषयों में भारत-नेपाल सीमा और नेपाल में प्रस्तावित हाई-लेवल डैम का मुद्दा बताया जा रहा है. बिहार के लिए यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि नेपाल से आने वाली नदियां हर साल राज्य के बड़े हिस्से में बाढ़ की स्थिति पैदा करती हैं. बारिश के मौसम में उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित होते हैं.
ऐसे में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए भारत और नेपाल के बीच बेहतर समन्वय जरूरी माना जाता है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर की बैठक में मौजूदगी को भी इसी संदर्भ में खास माना जा रहा है. सीमा से जुड़े विषयों के साथ-साथ जल प्रबंधन और नेपाल के साथ समन्वय पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की संभावना है.
केंद्र से फंडिंग और विकास परियोजनाओं पर बातचीत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार के अधिकारियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ भी बैठक की. इसमें राज्य की वित्तीय जरूरतों, केंद्र से मिलने वाली सहायता और अलग-अलग विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ.
बिहार में कई बड़े और लंबी अवधि वाले प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. ऐसे में राज्य सरकार के लिए केंद्रीय फंडिंग और केंद्र के साथ बेहतर तालमेल काफी मायने रखता है. माना जा रहा है कि बैठक में मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए आर्थिक सहयोग और उन्हें तेजी से आगे बढ़ाने के तरीकों पर खास जोर रहा.
सम्राट चौधरी का यह दिल्ली दौरा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बांकीपुर उपचुनाव के बाद यह उनकी पहली दिल्ली यात्रा है. लिहाजा सरकारी बैठकों के अलावा संभावित राजनीतिक मुलाकातों को लेकर भी बिहार की सियासत में अटकलें तेज हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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