प्रतिकात्मक फोटो
Jammu Kashmir News: देशभर में अब धीरे-धीरे गर्मी की छुट्टियां खत्म हो रही हैं. स्कूल खुलने से बच्चों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो रहा है. जम्मू कश्मीर में भी सरकार ने छुट्टियों को खत्म कर स्कूलों को खोलने का फैसला लिया है. सरकार ने 8 जुलाई से सभी स्कूलों को खोलने का फैसला लिया है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग समय तय कर दिए गए हैं. हालांकि, इससे इससे सभी लोग खुश नहीं हैं. अब सवाल ये उठता है कि जब बड़ी बेसब्री से सभी को स्कूलों के खुलने का इंतजार रहता है तो जम्मू कश्मीर में इसका विरोध क्यों हो रहा है?
बता दें 23 जून से हीट वेव के कारण स्कूलों को बंद किया गया था. अब सरकार ने छुट्टियों को बढ़ाने की संभावनाओं पर विराम लगा दिया है. 8 जुलाई से प्रदेश के सभी स्कूलों को खोल दिया गया है. हालांकि, विपक्ष और अभिभावक सरकार के इस फैसले से नाखुश हैं. वहीं शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर से विचार करने की संभावनाओं की ओर इशारा किया है. आइये जानें नाखुशी का कारण क्या है?
क्या है शिक्षा विभाग का आदेश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, श्रीनगर के नगर निकाय की सीमा के साथ ही प्रदेश के शहरी इलाकों में स्कूल सुबह 7 बजे से 11 बजे तक खुलेंगे. वहीं प्रदेश के अन्य ग्रामीण इलाकों में स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से 12 बजे तक रखा गया है. गर्मी की छुट्टी से पहले इन स्कूलों के खुलने का समय 9 बजे हुआ करता था. अब इसी समय (Jammu Kashmir School Timing) की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
अभिभावकों के नाखुशी का कारण
बच्चों के माता पिता का कहना है कि हमारे घरों से स्कूल की दूरी 2 घंटे की है. ज्यादातर बड़े बच्चे पढ़ाई के लिए पास के शहर जाते हैं. अगर उन्हें 7 बजे स्कूल पहुंचना है तो 6 बजे निकलना होगा. अब अगर यही समय रहता है तो वो कब उठेंगे, कब स्नान करेंगे और कब नाश्ता करेंगे. इससे बच्चे और बीमार पड़ेंगे.
विपक्ष ने किया सवाल
स्कूलों के समय को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है. आम आदमी पार्टी से विधायक मेहराज मलिक ने शिक्षा मंत्री को घेरे में लेते हुए कहा कि जब 12वीं पास को मंत्री बनाया जाता है तो इसी तरह के फैसले होते हैं. जो समय उनके द्वारा तय किया गया है उसमें गहराई और दूरदर्शिता नहीं है.
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पीडीपी प्रमुख इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि क्या हमारे बच्चे हमारे बच्चे प्रयोगशाला के चूहे हैं? शिक्षा मंत्री के फैसले पर विश्वास करना मुश्किल है. इतनी गर्मी में वो बच्चों को बेहोश होने का इंतजार कर रहे हैं. ये आदेश फालतू है इस तुरंत संशोधित किया जाना चाहिए. ये समय बच्चों और अभिभावकों के लिए सही नहीं हैं.
शिक्षा मंत्री ने दिया बदलाव का हिंट
विरोध के बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री का बयान आया है. उन्होंने एक बार फिर से स्कूलों के समय में बदलाव का हिंट दिया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे स्कूल के समय में बदलाव को लेकर कई कॉल आए हैं. मैं कहना चाहती हूं कि ये अंतिम फैसला नहीं है. अगर बदलाव की जरूरत लगती है तो इसमें एक बार फिर से बदलाव किया जाएगा.
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