सेलिना जेटली
बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं. यह मुश्किल किसी फिल्म के रोल या करियर की नहीं, बल्कि उनके सगे भाई मेजर विक्रांत जेटली की जान और आजादी से जुड़ी है. भारतीय सेना के स्पेशल फोर्सेज के पूर्व अधिकारी रह चुके मेजर विक्रांत पिछले 16 महीनों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की हिरासत में हैं, और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उनके परिवार को आज तक यह नहीं पता कि उनका कसूर क्या है.
सेलिना ने एक इंटरव्यू के दौरान बेहद भावुक होकर इस पूरी आपबीती को साझा किया. उन्होंने बताया कि यह किसी आम गिरफ्तारी जैसी प्रक्रिया नहीं थी. सितंबर 2024 में, विक्रांत को दुबई के ‘मॉल ऑफ द अमीरात’ की पार्किंग से कुछ अज्ञात लोगों ने उठाया था. उनसे उनकी आईडी मांगी गई और फिर उन्हें एक कार में बिठाकर ले जाया गया.
इसके बाद के 9 महीने किसी बुरे सपने से कम नहीं थे. सेलिना के मुताबिक, महीनों तक गिरफ्तारी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड ही नहीं था. परिवार दर-दर भटकता रहा, पर किसी को यह तक नहीं पता था कि विक्रांत जिंदा भी हैं या नहीं. आखिरकार, जून 2025 में खबर मिली कि वे अबू धाबी के अल-वथबा डिटेंशन सेंटर में कैद हैं.
क्या हैं आरोप?
मेजर विक्रांत अपनी पत्नी की कंपनी ‘मटिटी ग्रुप इंटरनेशनल’ में काम कर रहे थे, जो आईटी और रिस्क मैनेजमेंट का काम देखती है. सेलिना का कहना है कि इतने महीनों बाद भी उन्हें सिर्फ एक ‘प्रॉसिक्यूशन नंबर’ थमा दिया गया है. जब वजह पूछी जाती है, तो ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का एक धुंधला सा हवाला दे दिया जाता है. न कोई चार्जशीट पेश की गई है और न ही कोई सबूत. एक जांबाज सैनिक, जिसने अपनी जवानी देश के नाम कर दी, उसे बिना किसी ट्रायल के विदेशी जेल में डाल दिया गया है.
सेलिना ने विदेश मंत्रालय और दूतावास के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें शुरू में सिर्फ पोर्टल के ‘मशीनी’ जवाब मिले. उन्होंने दर्द साझा करते हुए कहा, “एक बहन अपने भाई को ढूंढ रही है और उसे सिर्फ ऑटोमेटेड रिप्लाई मिल रहे थे.” हालांकि, मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचने के बाद अब कुछ हलचल शुरू हुई है. कोर्ट के दखल के बाद ‘खालिद अलमारी पार्टनर्स एंड एडवोकेट्स’ नाम की लॉ फर्म मुफ्त में केस लड़ने को तैयार हुई है, वरना अन्य फर्में लाखों दिरहम की मांग कर रही थीं.
पीएम मोदी से भावुक अपील
सेलिना ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुजारिश की है. उन्होंने कतर में फंसे नौसेना अधिकारियों की रिहाई का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कुछ ऐसा ही पैटर्न था. उन्होंने कहा,
“मोदी जी, इस सैनिक को वापस ले आइए. अगर उन्होंने कुछ गलत किया होता, तो अब तक उन पर मुकदमा चल चुका होता. बिना किसी स्पष्टीकरण के उन्हें कैद में रखना गलत है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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