Shankaracharya Cow Protection Statement: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘गविष्टि गो-रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा’ के तहत हमीरपुर पहुंचे. यहां उन्होंने गाय और गौसंरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों को कठघरे में खड़ा किया. उनका कहना था कि नेताओं की सोच सीमित है और गाय को लेकर उनकी नीतियां केवल दिखावे तक सीमित हैं.
हिंदुत्व पर सवाल
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के बयान यह साबित करते हैं कि उनका हिंदुत्व केवल राजनीतिक लाभ तक सिमटा हुआ है. उन्होंने पश्चिम बंगाल के शुभेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री के बयानों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की सोच से असली तस्वीर सामने आती है.
नमाज पर राय
सड़क पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी बात रखी. शंकराचार्य ने कहा कि नमाज एक पवित्र धार्मिक क्रिया है और इसे सड़क जैसी सार्वजनिक जगह पर नहीं बल्कि किसी पवित्र स्थल पर अदा किया जाना चाहिए.
गौशाला निरीक्षण पर नाराजगी
उन्होंने बताया कि वह एक गौ आश्रम का निरीक्षण करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने वहां ताला लगा दिया और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी. उन्होंने आरोप लगाया कि अंदर गायों की हालत खराब है और प्रशासन इस पर पर्दा डाल रहा है.
गौसंरक्षण पर सरकार को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में भी गौसंरक्षण को लेकर ठोस काम नहीं हुआ. उनका आरोप था कि आज भी देश में बड़े पैमाने पर गायों का कटान और व्यापार जारी है.
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यात्रा का उद्देश्य
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि उनकी यात्रा का मकसद गौमाता की रक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है. गोरखपुर से शुरू हुई यह यात्रा प्रदेश के कई जिलों से गुजर रही है. उनका कहना है कि इस अभियान से लोगों को जागरूक करना और सरकार का ध्यान इस मुद्दे पर खींचना ही असली मकसद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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