स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार सुबह गौ रक्षा को लेकर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ की शुरुआत की. यात्रा शुरू होने से पहले विद्यामठ गली के बाहर भारी फोर्स तैनात रही. शंकराचार्य (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने थोड़ी देर तक गौ पूजन किया और फिर पालकी में सवार होकर यात्रा शुरू की. बता दें कि यह यात्रा वाराणसी से लखनऊ तक चलेगी.
पालकी में बैठते ही सरकार को क्या बोल गए?
दरअसल पालकी में बैठते ही अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अपनी चुनी सरकारों के सामने गौ-माता को बचाने के लिए युद्ध करना पड़ रहा है. शंकराचार्य ने आगे कहा कि राजनीति वाले राजनीतिक मायने निकालते हैं, लेकिन हम धार्मिक लोग हैं. अपनी गौ-माता को बचाने के लिए निकल रहे हैं. उन्होंने कहा कि देशभर में गौ माता की हत्या हो रही है और सरकार गौ रक्षा के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कर रही है.
यात्रा का कार्यक्रम क्या रहेगा?
शंकराचार्य ने चिंतामणि गणेश मंदिर और संकट मोचन मंदिर से दर्शन-पूजन के बाद जौनपुर के लिए रवाना हुए. जौनपुर में मैठ की गौशाला में पूजन-पाठ करेंगे. रविवार सुबह रायबरेली के लिए प्रस्थान करेंगे और सोमवार को लखनऊ पहुंचकर उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे. यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर गौ रक्षा को लेकर जनसभा और आंदोलन कार्यक्रम होंगे.
शंकराचार्य का मुख्य संदेश
मीडिया से बातचीत में उन्होंने (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने कहा कि गौ रक्षा के लिए कोई कार्य नहीं हो रहा है. देशभर में गौ माता की हत्या हो रही है. जिसके लिए हम लोग आंदोलन कर रहे हैं और अब यह आंदोलन निर्णायक रूप लेगा. उन्होंने कहा कि गौ-माता की रक्षा हमारा धर्म है और इसके लिए हम किसी भी स्तर तक जा सकते हैं. यात्रा में बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं.
गौ रक्षा पर बढ़ता आंदोलन
बता दें कि यह यात्रा गौ रक्षा को लेकर देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है. जिसको लेकर शंकराचार्य ने कहा कि सरकारों को गौ रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. अगर सरकार नहीं सुनती तो आंदोलन और तेज होगा. वहीं वाराणसी से शुरू हुई यह यात्रा लखनऊ में धरने के साथ समाप्त होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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