Income Tax Bill 2025: आयकर बिल 2025 की चयन समिति के सदस्य एवं सत्तारूढ़ भाजपा के सांसद PP Chaudhary ने आज कहा कि 1961 के आयकर अधिनियम और 2025 के बिल के बीच में काफी अंतर है. उन्होंने बताया कि 1961 के अधिनियम में लगभग 5.12 लाख शब्द थे, जबकि 2025 के बिल में यह संख्या घटकर 2.60 लाख हो गई है. इसके अलावा, 1961 के अधिनियम में 819 अनुभाग थे, जो 2025 के बिल में घटकर 536 हो गए हैं.
भाजपा सांसद पीपी चौधरी (BJP MP PP Chaudhary) ने कहा कि कई प्रावधानों के कारण नेविगेशन मुश्किल था, लेकिन अब इनको सिंक्रोनाइज और कंसोलिडेट कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि ‘नॉटविथस्टैंडिंग’, ‘विदाउट प्रेजुडिस’ जैसे शब्दों से व्याख्यात्मक समस्याएं पैदा होती थीं, लेकिन अब 1200 प्रावधानों को सरल, कंसोलिडेट और एकीकृत कर दिया गया है. टेबल और फॉर्मूला को भी स्पष्टता के लिए बेहतर बनाया गया है.
#WATCH | Delhi: PP Chaudhary, BJP MP and Member of the select committee on the Income Tax Bill 2025, says, "Comparing the 1961 act and Bill 2025 reveals a difference. The total word count varies, with approximately 512,000 words in 1961 and 260,000 in Bill 2025. The number of… pic.twitter.com/lXWIchqOeo
— ANI (@ANI) July 25, 2025
चौधरी ने कहा कि टीडीएस कटौती और अन्य प्रावधानों को भी कंसोलिडेट किया गया है, जिससे मुकदमेबाजी कम होगी और करदाताओं, विशेष रूप से व्यक्तिगत करदाताओं के लिए प्रक्रिया स्पष्ट होगी. कॉर्पोरेट और अन्य करदाताओं के लिए भी नियम सरल किए गए हैं. उन्होंने कहा कि आयकर बिल 2025 इन मुद्दों को सकारात्मक रूप से लेता है.

21 अगस्त 2025 तक चलेगा संसद सत्र
इस बार मानसून सत्र 21 जुलाई 2025 से शुरू होकर 21 अगस्त 2025 तक चलेगा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी, और सत्र 12 अगस्त से 18 अगस्त तक रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के उत्सवों के लिए विराम लेगा.
मानसून सत्र 2025 में प्रस्तावित बिल
1. आयकर बिल, 2025 – यह बिल फरवरी में लोकसभा में पेश किया गया था और इसे निचले सदन की चयन समिति को भेजा गया था. समिति ने 16 जुलाई 2025 को अपनी रिपोर्ट अपनाई, जिसे 21 जुलाई 2025 को लोकसभा में प्रस्तुत किया जाएगा.
2. राष्ट्रीय खेल शासन बिल – खेलों के शासन को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित.
3. जियोहेरिटेज साइट्स और जियो-रिलिक्स (संरक्षण और रखरखाव) बिल – जियोहेरिटेज साइट्स और जियो-रिलिक्स के संरक्षण के लिए.
4. खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन बिल – खनन क्षेत्र में विकास और विनियमन के लिए.
5. राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक (संशोधन) 2025 – डोपिंग के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए.
6. गोवा में अनुसूचित जनजातियों की विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व के पुनर्संरचना बिल, 2024 – गोवा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व को पुनर्संरचित करने के लिए.
7. वाणिज्यिक जहाजरानी बिल, 2024 – जहाजरानी क्षेत्र को विनियमित करने के लिए.
8. भारतीय पत्तन बिल, 2025 – पत्तनों के विकास और प्रबंधन के लिए.

अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे, जो संसद पटल पर होंगे
– मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के विस्तार के लिए सांविधिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा.
– मणिपुर के लिए 2025-2026 के अनुदानों की मांगों को मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.
– विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले, बिहार की वोटर लिस्ट संशोधन, और एयर इंडिया हादसा शामिल हैं.
इस सत्र को आर्थिक और संवैधानिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “सामूहिक उपलब्धियों का उत्सव” बताया है.
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