Sitamarhi aata therapy case
Sitamarhi aata therapy case: विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के इस युग में जहां गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं के इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहीं समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी अंधविश्वास और पारंपरिक मान्यताओं पर भरोसा करता नजर आता है। ऐसा ही एक मामला बिहार के सीतामढ़ी सदर अस्पताल में देखने को मिला, जहां करंट लगने से घायल एक युवक का इलाज डॉक्टरों के साथ-साथ परिजन कथित तौर पर ‘आटा थेरेपी’ से भी करते नजर आए. यह मामला अस्पताल में मौजूद लोगों और डॉक्टर्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
करंट लगने पर परिजनों ने मरीज के शरीर पर लगाया आटा
जानकारी के अनुसार, रीगा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी संतोष राय बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने उन्हें आनन-फानन में सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज करना शुरू किया.इसी दौरान अस्पताल में एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला. मरीज के परिजन कथित तौर पर ‘आटा थेरेपी’ के जरिए उसे ठीक करने का प्रयास कर रहे थे. दरअसल परिजनों ने पारंपरिक मान्यताओं के तहत शरीर पर आटा लगाने और अन्य घरेलू उपायों का सहारा लिया. अस्पताल में मौजूद लोग और डॉक्टर्स इस नजारे को देखकर हैरान रह गए.
परिजन के अंधविश्वास को देख डॉक्टर्स हुए हैरान
डॉक्टर्स का कहना है कि बिजली के करंट से घायल मरीजों को तत्काल वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता होती है. ऐसे मामलों में शरीर के अंदरूनी अंगों, हृदय और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अंधविश्वास या अप्रमाणित घरेलू उपाय मरीज की स्थिति को सुधारने के बजाय और अधिक जोखिमपूर्ण बना सकते हैं.
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अंधविश्वास मरीज की जान के लिए बन सकता है खतरा
बता दें कि मरीज की हालत गंभीर बनी रहने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया. फिलहाल वहां उसका इलाज जारी है. यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास और वैज्ञानिक सोच के बीच की खाई को उजागर करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में केवल प्रशिक्षित चिकित्सकों की सलाह और आधुनिक चिकित्सा पद्धति पर ही भरोसा करना चाहिए, क्योंकि कई बार अंधविश्वास के आधार पर किया गया उपचार मरीज की जान के लिए खतरा बन सकता है.
भारत एक्सप्रेस
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