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Srinivas Louis arrest by Delhi Police: दिल्ली पुलिस और कर्नाटक पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में आखिरकार उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपनी मेल आईडी से देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों में दहशत फैला रखी थी. पुलिस द्वारा अरेस्ट किये गए शख़्स का नाम श्रीनिवास लुईस बताया जा रहा है, जिस पर दिल्ली विधानसभा, नामी स्कूलों, अस्पतालों और यहां तक कि दिल्ली हाई कोर्ट के जज को भी बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजने का आरोप है.
शुरुआती जांच में सामने आया है कि श्रीनिवास एक पोस्ट ग्रेजुएट और पढ़ा-लिखा व्यक्ति है लेकिन वर्तमान में बेरोजगार होने के कारण गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा था. वह मैसूर में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था. पुलिस के मुताबिक, उसने जानबूझकर बड़े संस्थानों और जजों को निशाना बनाया ताकि समाज में ज्यादा से ज्यादा डर और सनसनी फैलाई जा सके.
कैसे बिछाया गया जाल?
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब दिल्ली हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज ने खुद को मिले धमकी भरे ईमेल के बाद आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद दिल्ली विधानसभा और कई स्कूलों में सुरक्षा को ‘रेड अलर्ट’ पर डाल दिया गया और कई जगहों को खाली कराकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने जब ईमेल के आईपी एड्रेस और तकनीकी साक्ष्यों का पीछा किया, तो तार मैसूर से जुड़े मिले. तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम मैसूर पहुँची और आरोपी को उसके घर से ही धर दबोचा. पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने एक-दो नहीं बल्कि 1100 से अधिक बार देशभर में अलग-अलग जगहों पर फर्जी धमकियां भेजी थीं.
लैपटॉप और सिम कार्ड का जखीरा बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप और बड़ी संख्या में सिम कार्ड बरामद किए हैं. इन डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन सर्वरों का इस्तेमाल किया और क्या इस साजिश में उसके साथ कोई और भी शामिल था. वहीं पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन धमकियों के पीछे कोई और गंभीर मंशा थी या यह केवल मानसिक हताशा का परिणाम था. आरोपी को मैसूर की अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है जहां उससे और भी कड़ाई से पूछताछ की जाएगी.
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फर्जी धमकियों का क्या है असर?
श्रीनिवास द्वारा भेजी गई इन फर्जी धमकियों के कारण पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रशासनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ था. स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी, अदालतों की कार्यवाही रोकनी पड़ी और सुरक्षा एजेंसियों को करोड़ों रुपये का संसाधन इन ‘हॉक्स कॉल्स’ (फर्जी कॉल) की जांच में झोंकना पड़ा.
इसको लेकर दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल भविष्य की ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी बल्कि उन लोगों को भी कड़ा संदेश जाएगा जो तकनीक का गलत इस्तेमाल कर सार्वजनिक व्यवस्था को चुनौती देते हैं. फिलहाल पुलिस इस मामले की ‘चार्जशीट’ तैयार कर रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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