प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित ‘दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन करेंगे. कार्यक्रम में शामिल होने वाले कई किसानों ने इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की समस्याओं का ध्यान रख रहे हैं व उनकी परेशानियों को समझते हैं.
प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन में शामिल किसान मुरुगेसन ने कहा, “मैं 13 सालों से प्राकृतिक खेती कर रहा हूं और उम्मीद है कि यह सम्मेलन मेरे तरीकों को और निखारेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक खेती के लिए कई पहल की हैं, जो टिकाऊ कृषि के विकास के लिए जरूरी हैं.”
मणिमेकलाई नाम के एक किसान ने कहा, “यह सम्मेलन किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है. प्रधानमंत्री किसानों के लिए सभी लाभकारी उपायों को लागू कर रहे हैं. प्रत्येक किसान को इस प्राकृतिक खेती पहल के बारे में पता होना चाहिए.”
किसान कनगराज ने प्रधानमंत्री मोदी से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, कृत्रिम उर्वरकों को खत्म करने और प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक खेती लोगों को रोगमुक्त जीवन दे सकती है.
गरीब और छोटे किसानों तक भी पहुंचा सरकारी लाभ
एक अन्य किसान ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की समस्याओं का ध्यान रख रहे हैं और उनकी परेशानियों को समझते हैं. वे कुछ बेहतर करना चाहते हैं, कृषि के स्तर को बेहतर बनाना चाहते हैं. वे काफी कुछ कर भी रहे हैं और पिछले चार-पांच सालों से वे सबसे गरीब किसानों को भी राशि आवंटित कर रहे हैं.
कोयंबटूर में आयोजित ‘दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन’ तीन दिन चलेगा. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी किसानों को भी संबोधित करेंगे.
इस सम्मेलन का उद्देश्य टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और रसायन-मुक्त कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, भारत में कृषि के भविष्य के लिए व्यावहारिक, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से टिकाऊ मॉडल के रूप में प्राकृतिक व फिर से विकास योग्य कृषि की ओर परिवर्तन को गति देना है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


