ये फोटो AI जेनरेटेड है
TCS staff reduction: पिछले वित्त वर्ष में TCS की कुल वर्कफोर्स में लगभग 23,460 कर्मचारियों की कमी दर्ज की गई. यह गिरावट आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक के लिए चौंकाने वाली रही.
HR का बयान
TCS के चीफ HR ऑफिसर ने साफ किया कि कर्मचारियों की संख्या में कमी किसी एक वजह से नहीं हुई. उन्होंने कहा कि यह स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने (attrition) और भर्ती की धीमी रफ्तार का मिला-जुला असर है.
लेऑफ की अटकलें
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह कमी किसी बड़े लेऑफ का हिस्सा नहीं है. बल्कि कई कर्मचारी खुद नौकरी छोड़कर गए हैं और कुछ प्रोजेक्ट्स के खत्म होने से भी असर पड़ा है.
भर्ती और ऑनबोर्डिंग
पिछले साल TCS ने करीब 44,000 फ्रेशर्स को ऑनबोर्ड किया था. वहीं, इस साल भी कंपनी ने 2,356 नए कर्मचारियों को जोड़ा है. लेकिन भर्ती की गति उतनी तेज नहीं रही जितनी पहले थी.
अंतरराष्ट्रीय असर
कंपनी ने बताया कि अमेरिका और यूरोप में प्रोजेक्ट्स की मांग में बदलाव आया है. इसके चलते कुछ कर्मचारियों की जरूरत कम हो गई. साथ ही, AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल ने भी वर्कफोर्स पर असर डाला है.
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भविष्य की रणनीति
TCS अब ‘जस्ट-इन-टाइम हायरिंग’ मॉडल पर काम कर रही है. यानी प्रोजेक्ट की जरूरत के हिसाब से ही भर्ती होगी. कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI और नई तकनीकें वर्कफोर्स की संरचना को और बदलेंगी.
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मौजूदा स्थिति
फिलहाल TCS में कुल 5.84 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं. कंपनी का कहना है कि वह ग्रेड और भूमिकाओं के हिसाब से सैलरी बढ़ोतरी और प्रमोशन जारी रखेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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