उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रविवार को मुहर्रम जुलूस के दौरान उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का पोस्टर स्थानीय पुलिस अधिकारी ने फाड़ दिया.
नानपारा कस्बे में यह घटना उस समय हुई, जब मुस्लिम समुदाय के लोग पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करने के लिए आशूरा के दिन पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाल रहे थे.
श्रद्धालुओं ने अली खामेनेई और अली अल-सिस्तानी सहित शिया नेताओं के पोस्टर लगाए हुए थे. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि राजभर चौकी इंचार्ज राम गोविंद वर्मा ने कथित तौर पर खामेनेई का पोस्टर देखकर जुलूस रोक दिया. आरोप है कि अधिकारी ने पोस्टर पर डंडा मारा और उसे फाड़ दिया, जिससे जुलूस का नेतृत्व कर रहे युवाओं में गुस्सा भड़क गया.
पोस्टरों के कारण हमें आतंकवादी कहना दुखदायी घटना है
जुलूस का नेतृत्व कर रहे एक स्थानीय युवक ने कहा, “वह आया और डंडे से अली खामेनेई का पोस्टर फाड़ दिया. उसने हमसे सम्मानपूर्वक बात भी नहीं की. इसके बजाय हमें आतंकवादी कहा गया. क्या आप शांतिपूर्ण शोक मनाने वालों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं?”
समुदाय के अन्य सदस्यों ने युवक की बातों का समर्थन किया और कहा कि और भी पोस्टर फाड़े गए साथ ही पुलिस ने उनका अपमान किया. शिया समुदाय के एक अन्य युवक ने कहा, “अली खामेनेई और अली अल-सिस्तानी हमारे नेता हैं. हम उनका सम्मान करते हैं. इन पोस्टरों के कारण हमें आतंकवादी कहना बहुत तकलीफ देने वाली बात है.”
आहत भीड़ ने प्रदर्शन कर चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग की
घटना के बाद शोक मनाने वालों ने ताजिया जुलूस रोक दिया और विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने चौकी इंचार्ज को तत्काल पद से हटाने की मांग की. तनाव बढ़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे. करीब एक घंटे की चर्चा के बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी.
मौके पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने लोगों से शांत रहने को कहा है. मामले की जांच की जा रही है. हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं.” प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद ही जुलूस आगे बढ़ा, जो शाम को शांतिपूर्वक समाप्त हुआ.
कार्रवाई नहीं की गई तो वे मामले को आगे ले जाएंगे
शिया समुदाय के नेताओं ने कहा है कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे मामले को आगे ले जाएंगे. स्थानीय शिया समुदाय के एक बुजुर्ग ने कहा, “हमें न्याय चाहिए. यह सिर्फ एक पोस्टर की बात नहीं है, बल्कि हमारी पहचान और सम्मान की बात है.”
वहीं प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का वादा किया है, साथ ही लोगों से मुहर्रम के पवित्र दिनों में सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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