Budget 2026 Election States Focus: केंद्रीय बजट 2026-27 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब से बस कुछ चंद घंटों में इसे(Union Budget 2026) पेश करेंगी. हर साल की तरह इस बार भी राज्यों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उन्हें इस बजट से क्या मिलेगा. लेकिन हमने देखा कि हर बार बजट में आने वाले चुनावों का प्रभाव अवश्य तौर पर देखा गया है. इस बार भी कयास यही लगाए जा रहे हैं कि बजट का खास फोकस उन राज्यों पर हो सकता है, जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं. बता दें कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम समेत पुडुचेरी में इसी साल चुनाव होने हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले पैटर्न को देखते हुए इस बजट में भी इन राज्यों के लिए बड़े ऐलान और राजनीतिक संकेत मिल सकते हैं.
चार साल पहले क्या हुआ था?
पिछली बार 2021 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में चुनाव हुए थे. उस समय का बजट भी चुनावी संकेतों से भरा हुआ था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की पारंपरिक लाल-पाड़ साड़ी पहनी थी और अपने भाषण में रवींद्रनाथ टैगोर का भी जिक्र किया था. सिर्फ इतना ही नहीं कई बड़े वित्तीय ऐलान भी हुए:
- तमिलनाडु को सड़क और हाइवे प्रोजेक्ट्स के लिए ₹1.03 लाख करोड़ मिले. जिसमें मदुरै-कोल्लम और चित्तूर-थच्चूर के कॉरिडोर भी शामिल थे.
- केरल को ₹65,000 करोड़ मिले, जिसमें मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर का 600 किमी हिस्सा था.
- पश्चिम बंगाल को कोलकाता-सिलीगुड़ी आर्थिक कॉरिडोर समेत ₹25,000 करोड़ के हाईवे प्रोजेक्ट्स मिले.
- असम को कुल मिलाकर ₹34,000 करोड़ मिले. चाय बागानों के लिए ₹1,000 करोड़ की वेलफेयर स्कीम भी आई, जिसमें महिलाओं पर फोकस था.
- पूर्वी मिदनापुर के पेटुआघाट में फिशिंग हार्बर और कोच्चि मेट्रो के दूसरे चरण के लिए ₹1,957 करोड़ का ऐलान हुआ.
पैटर्न जो आगे भी जारी रहा
Budget 2026 में चुनावी हवा का यह पैटर्न बाद के बजटों में भी देखा गया, साल 2025 की बात करें तो बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल था. इस दौरान जारी किये गए बजट में मखाना बोर्ड बनाने, पटना एयरपोर्ट के विस्तार, बिहटा में एक ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट और 4 नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स का ऐलान हुआ. साथ ही मिथिलांचल इलाके में वेस्टर्न कोसी कैनाल ERM प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय मदद का प्रस्ताव पेश किया गया, जिससे करीब 50,000 हेक्टेयर जमीन पर खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई.
वहीं अगर बात 2023 की करें तो, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव से पहले जारी हुए बजट में बड़े पैमाने पर टैक्स में राहत दी गई. इस दौरान टैक्स रिबेट ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹7 लाख किया गया, जिसे एक बड़ा चुनावी कदम माना गया.
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इस बार क्या गणित लगा रहे एक्सपर्ट्स?
इस बार Budget 2026 को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, विशेष पैकेज या लोकल मुद्दों पर फोकस हो सकता है. साथ ही वित्त मंत्री के पहनावे से लेकर उनके द्वारा दिए जाने वाले भाषण में स्थानीय संदर्भ या बड़े ऐलान राजनीतिक संकेत हो सकते हैं. क्योंकि पिछले अनुभवों से साफ है कि चुनावी राज्यों का बजट में विशेष ख्याल रखा जाता है.
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