यूपी कांग्रेस में नेतृत्व बदलने की चर्चा तेज
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां तेज हो चुकी हैं. कांग्रेस भी संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर काम कर रही है. इसी बीच प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. सबसे ज्यादा सवाल मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लेकर उठ रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष के चेहरे में बदलाव पर विचार कर रही है. हालांकि अभी इस संबंध में अंतिम फैसला सामने नहीं आया है.
अजय राय के भविष्य को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?
अजय राय को अगस्त 2023 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई थी. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा. अब करीब तीन साल बाद उनके स्थान पर किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी देने की चर्चा चल रही है. पार्टी के भीतर नेतृत्व में बदलाव को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर विचार की खबरें सामने आई हैं. वहीं, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 1 अक्टूबर को कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद से जुड़ा फैसला केंद्रीय नेतृत्व के अधिकार क्षेत्र में आता है.
आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
संभावित नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कांग्रेस विधायक और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम प्रमुखता से सामने आया है. वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं. आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. तीन बार विधायक रह चुकीं आराधना मिश्रा को प्रदेश की राजनीति और पार्टी संगठन का लंबा अनुभव है. उनके नाम को लेकर चर्चा के बीच सितंबर में राजेंद्र पाल गौतम की प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा से मुलाकात भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी थी.
सिर्फ एक नाम पर नहीं चल रहा मंथन
प्रदेश कांग्रेस की कमान को लेकर चर्चा केवल आराधना मिश्रा तक सीमित नहीं है. पार्टी के भीतर OBC और मुस्लिम समुदाय से आने वाले नेताओं को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की संभावना पर चर्चा हुई है. जून 2026 में राजेंद्र पाल गौतम को यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद संभावित सामाजिक समीकरणों को लेकर कई नाम सामने आए. इनमें इमरान प्रतापगढ़ी और सीतापुर से सांसद राकेश राठौर का नाम भी चर्चा में रहा है.
OBC और मुस्लिम कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का विकल्प
एक संभावित संगठनात्मक मॉडल में प्रदेश अध्यक्ष के साथ OBC और मुस्लिम समुदाय से एक-एक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की बात भी सामने आई है. यानी कांग्रेस सिर्फ एक नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बजाय अलग-अलग सामाजिक समूहों को संगठन में प्रतिनिधित्व देने वाले ढांचे पर भी विचार कर सकती है. हालांकि यह व्यवस्था लागू होगी या नहीं, इस पर अभी कांग्रेस की ओर से कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है.
अजय राय को मिल सकती है दूसरी बड़ी जिम्मेदारी
अगर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला करती है तो अजय राय की भूमिका भी चर्चा का विषय बन गई है. ऐसी स्थिति में उन्हें संगठन या पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि यह अभी संभावित विकल्पों और राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित है. दूसरी तरफ अजय राय ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राजनीतिक तैयारी का संकेत भी दिया है.
पिंडरा से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं अजय राय
अजय राय ने सितंबर 2026 में साफ किया था कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव वाराणसी की पिंडरा सीट से लड़ेंगे. उन्होंने कहा था कि काशी और पिंडरा से उनका पुराना जुड़ाव है और वह इसी सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे. अजय राय पहले भी पिंडरा से पांच बार विधायक रह चुके हैं. ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनका विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
प्रदेश संगठन में बदलाव की चर्चा के बीच राहुल गांधी और अजय राय की हालिया मुलाकात ने भी अटकलों को और हवा दी है. हालांकि इस मुलाकात को प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी संभावित फैसले का सीधा संकेत मानना अभी उचित नहीं होगा. फिलहाल कांग्रेस के भीतर संगठन, सामाजिक समीकरण और 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर नेतृत्व से जुड़े विकल्पों पर मंथन की खबरें हैं. अंतिम फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

