UP Project Praveen Financial Literacy Training
UP Project Praveen Financial Literacy Training: उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को रोजगारपरक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और पहल की है. अब प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल के साथ-साथ पैसे का सही प्रबंधन करने, बचत की अहमियत समझने और भविष्य में अपना कारोबार शुरू करने की बुनियादी जानकारी भी दी जाएगी. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) की ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ योजना के तहत विद्यार्थियों के लिए वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास के दो नए मॉड्यूल शुरू किए गए हैं. इन मॉड्यूल को 24 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर में लागू किया गया है. इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और केंद्रीय उद्यमिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (NIESBUD) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत एनएसई वित्तीय कौशल और निस्बड उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण देगा.
515 विद्यालयों के दो लाख विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रदेश के 515 विद्यालयों के करीब दो लाख छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसमें राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के साथ अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सर्वोदय विद्यालय और श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित अटल आवासीय विद्यालय शामिल हैं. योजना के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ मांग आधारित ट्रेडों में रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है.
दो घंटे में सीखेंगे पैसे के सही इस्तेमाल का तरीका
एनएसई की ओर से संचालित दो घंटे के वित्तीय कौशल मॉड्यूल में विद्यार्थियों को धन के सही उपयोग, बचत और वित्तीय निर्णय लेने की बुनियादी जानकारी दी जाएगी. इसमें जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझने, खर्च की प्राथमिकताएं तय करने और उपलब्ध धनराशि का बेहतर प्रबंधन करने पर जोर रहेगा. इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को भविष्य में अपनी आय, खर्च और पारिवारिक बजट की योजना बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही, वे आर्थिक फैसले लेते समय बचत और सुरक्षित निवेश जैसे पहलुओं के प्रति भी जागरूक हो सकेंगे.
हुनर के दम पर कारोबार शुरू करने की मिलेगी समझ
उद्यमिता विकास के लिए निस्बड की ओर से दो घंटे का विशेष मॉड्यूल संचालित किया जाएगा. इसके माध्यम से विद्यार्थियों को नए कारोबारी विचारों की पहचान करने और उन्हें व्यवसाय के अवसरों में बदलने की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण में समस्या की पहचान, संसाधनों का प्रबंधन, ग्राहकों की जरूरतों को समझने और कारोबार की योजना तैयार करने जैसे विषय शामिल होंगे. सिलाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, ब्यूटी एंड वेलनेस और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थी अपने हुनर के आधार पर छोटा व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने की संभावनाओं को समझ सकेंगे.
तकनीकी प्रशिक्षण के साथ सॉफ्ट स्किल्स और एआई पर भी जोर
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को पहले से 180 घंटे का तकनीकी ट्रेड प्रशिक्षण, 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण और चार घंटे का एआई एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है. अब वित्तीय कौशल और उद्यमिता विकास के दो-दो घंटे के मॉड्यूल जुड़ने से प्रशिक्षण का दायरा और व्यापक हो गया है.
प्रशिक्षण प्रदाताओं को जारी किए गए निर्देश
मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, दोनों नए मॉड्यूल की अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण रूपरेखा संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं को भेज दी गई है. इन्हें कक्षा-कक्ष प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को स्कूली पढ़ाई से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इसके जरिए विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ वित्तीय समझ और उद्यमशीलता की सोच विकसित करने का अवसर मिलेगा, ताकि वे भविष्य में नौकरी पाने के साथ-साथ स्वरोजगार और रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ सकें.
भारत एक्सप्रेस
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