अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की सराहना करते हुए उन्हें एक महान नेता और बहुत सख्त इंसान बताया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘एक्सियोस’ (Axios) के साथ एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के उन नेताओं में शामिल किया जिनकी वे सबसे ज्यादा सराहना करते हैं. इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ताकत, कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व के मुद्दे पर खुलकर बात की.
पीएम मोदी की स्थिरता का दिया उदाहरण
इंटरव्यू के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार पीएम मोदी की सराहना की. ट्रंप ने पीएम मोदी की उन खूबियों पर बात की जो उनके अनुसार प्रभावशाली नेतृत्व को दर्शाती हैं. उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल, राजनीतिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि की ओर इशारा किया. हाल ही में जी7 (G7) समिट में मिले नेताओं के बारे में बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने आमंत्रित किए गए दुनिया के तमाम नेताओं के बीच पीएम मोदी की मौजूदगी को याद किया. ट्रंप ने सरकार के प्रमुखों और देश के नेताओं की मीटिंग के बारे में बताते हुए कहा, “भारत के प्रधानमंत्री एक महान इंसान हैं.”
बाद में, जब उनसे पूछा गया कि वह एक महान नेता को कैसे परिभाषित करते हैं, तो ट्रंप ने पीएम मोदी को एक ऐसे देश में राजनीतिक स्थिरता का उदाहरण बताया, जहां पहले के नेतृत्व में लगातार बदलाव होते रहे हैं. ट्रंप ने कहा, “मैंने जीवन भर भारत के बारे में जो देखा है, वह यही है कि लोग वहां तेजी से बदलते रहे हैं. कोई वहां छह महीने और फिर एक साल तक रहता था और फिर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं. वे वहां 12 साल से ज्यादा समय से हैं और बहुत मजबूत हैं.”
बाहर से शांत पर अंदर से बेहद सख्त हैं पीएम मोदी
ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी शांति के साथ राजनीतिक सख्ती को भी दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, “वह ऐसा आचरण करते हैं जैसे सब कुछ बहुत शांत है, लेकिन वह शांत स्वभाव के इंसान नहीं हैं. वह बहुत सख्त इंसान हैं. मैं उन्हें काफी अच्छी तरह जानता हूं.” बाद में जब उनसे पूछा गया कि कौन से लोग अपनी ताकत और नेतृत्व का इस्तेमाल करने की काबिलियत के लिए सबसे अलग हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी का नाम उन ग्लोबल लीडर्स में लिया जिनकी वह सबसे ज्यादा इज्जत करते हैं. ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि पीएम मोदी बहुत अच्छे हैं. वे एक बेहतरीन नेता हैं. वहां 1.5 बिलियन लोग हैं. भारत असल में सबसे बड़ा है.”
युद्ध से दूर रहना स्मार्ट फैसला
ट्रंप ने भारत के हालिया आर्थिक प्रदर्शन का जिक्र किया और अंतरराष्ट्रीय मामलों में पीएम मोदी के नजरिए को इसका क्रेडिट देते हुए कहा कि उन्होंने कुछ बहुत अच्छे नंबर्स (आर्थिक नजरिए से) का ऐलान किया है. वह युद्ध से दूर रहते हैं, जो स्मार्ट है. मुझे पता है कि असली पीएम मोदी बहुत सख्त हैं. बातचीत के दौरान, ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी सराहना की और उन्हें महान बताया. ट्रंप ने शी और पीएम मोदी दोनों को ऐसे प्रभावशाली नेताओं का उदाहरण बताया जिन्हें अपने-अपने देशों में इज्जत मिलती है.
इंटरव्यू में जी7 समिट, चीन, ईरान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अमेरिकी विदेश नीति जैसे कई मुद्दे शामिल थे. पूरी चर्चा के दौरान, ट्रंप ने कहा कि जो नेता सबसे ऊंचे पदों पर पहुंचते हैं, उनमें अनोखी काबिलियत और हिम्मत होती है. उन्होंने कहा, “वे सभी स्मार्ट हैं. आप स्मार्ट हुए बिना उस स्तर तक नहीं पहुंच सकते. इस पायदान पर रहने के लिए, आपको स्मार्ट होना होगा, आपको सख्त होना होगा.”
2014 से लगातार भारत का नेतृत्व और अमेरिका संबंध
पीएम मोदी मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री हैं और किसी बड़े लोकतंत्र के सबसे लंबे समय तक चुने गए नेताओं में से एक हैं. उनके कार्यकाल के दौरान, भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश और सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है, साथ ही इसने अलग-अलग इलाकों में अपनी कूटनीतिक और रणनीतिक भागीदारी को बढ़ाया है.
ये भी पढ़ें: ‘अभी तो सिर्फ ट्रेलर है…’ शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर गरजे सीएम शिंदे, बोले- खोखला हो चुका है विरोधियों का कुनबा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके घनिष्ठ कूटनीतिक और कामकाजी संबंध स्थापित हुए. इस प्रगाढ़ता को दोनों देशों में आयोजित विशाल जन-आयोजनों से विशेष पहचान मिली, जिनमें ह्यूस्टन की ‘हाउडी, मोदी’ रैली और अहमदाबाद का ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम प्रमुख हैं. इसके बाद से ही भारत और अमेरिका ने रक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा और हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र की सुरक्षा जैसे रणनीतिक मोर्चों पर अपने आपसी सहयोग को निरंतर सुदृढ़ किया है.
नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

