Bharat Express DD Free Dish

उत्तराखंड सरकार ने पास किया सख्त भू-कानून, राज्य से बाहर के लोग अब नहीं खरीद सकेंगे यहां जमीन?

Environment Protection: उत्तराखंड विधानसभा में नए भू-कानून को पारित किया गया, जिसके तहत बाहरी लोग अब राज्य में भूमि नहीं खरीद सकते. राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है.

सीएम पुष्कर सिंह धामी.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Uttarakhand News: उत्तराखंड विधानसभा ने शुक्रवार को एक सख्त भू-कानून पारित किया, जिसके तहत अब राज्य के बाहर के लोग उत्तराखंड में जमीन नहीं खरीद सकेंगे. यह संशोधित भू-कानून राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पेश किया गया था. नए कानून के तहत, बाहरी व्यक्तियों को राज्य में भूमि खरीदने से पहले एक हलफनामा देना होगा, जिसमें यह पुष्टि करनी होगी कि उन्होंने राज्य में आवासीय उद्देश्यों के लिए 250 वर्ग मीटर से अधिक भूमि नहीं खरीदी है.

भू-कानून में महत्वपूर्ण बदलाव

नए भू-कानून के अनुसार, अब उत्तराखंड के बाहरी लोग कृषि या बागवानी के लिए भी राज्य में भूमि नहीं खरीद सकेंगे. इसका उद्देश्य बाहरी निवेशकों द्वारा कृषि भूमि की खरीद पर रोक लगाना और स्थानीय किसानों के अधिकारों की रक्षा करना है. इस बदलाव के साथ ही राज्य के 11 जिलों में बाहरी लोग अब खेती और बागवानी के लिए भूमि नहीं ले सकेंगे, हालांकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर इस सूची से बाहर हैं. पहाड़ी इलाकों में भूमि खरीद की प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए हैं.

Puskar Singh Dhami

हलफनामा और एफिडेविट की प्रक्रिया

अब राज्य में भूमि खरीदने के लिए बाहरी व्यक्तियों को सब-रजिस्ट्रार को एक हलफनामा देना होगा. इस हलफनामे में उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने राज्य में आवासीय उद्देश्यों के लिए 250 वर्ग मीटर से अधिक भूमि नहीं खरीदी है. यदि भूमि का उपयोग सही उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता है या बिना उचित प्राधिकरण को सूचित किए उसे बेचा या हस्तांतरित किया जाता है, तो सरकार इस पर कार्रवाई कर सकती है.

यह है राज्‍य सरकार का कहना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कानून राज्य के संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए जरूरी था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के हितों को प्राथमिकता देती है और इस कानून के जरिए राज्य के मूल स्वरूप को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है. यह कानून राज्य में भूमि खरीद और बिक्री को व्यवस्थित करने में मदद करेगा.

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami

भू-कानून की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?

उत्तराखंड में स्वतंत्रता के बाद से जमीन खरीदने पर कोई पाबंदी नहीं थी. राज्य बनने के बाद भी इस पर रोक नहीं लगी, जिसके कारण बाहरी लोग यहां सस्ती भूमि खरीदने लगे. इससे स्थानीय लोग परेशान हो गए, क्योंकि बाहरी लोग यहां फार्म हाउस, होटल और रिजॉर्ट्स बनाने लगे थे, जिससे खेती के लिए भूमि की कमी हो गई. पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण बाहरी निवेशकों ने अधिकतर भूमि का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया, जिससे स्थानीय लोगों की जरूरतों को खतरा उत्पन्न हो गया.

नए कानून का प्रभाव

नए भू-कानून के साथ, राज्य में भूमि खरीदने की प्रक्रिया को और कड़ा किया गया है. इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा, ताकि भूमि खरीद-बिक्री को ट्रैक किया जा सके और गड़बड़ी को रोका जा सके. इसके अलावा, यदि राज्य से बाहर के लोग भूमि का उपयोग नियमों के खिलाफ करते हैं, तो सरकार उस भूमि को अपने कब्जे में ले सकती है.

  • भारत एक्सप्रेस


इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read