Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

संसद में विषैला बयान: सपा सांसद बोले- हिंदू गद्दार राणा सांगा की औलाद, मुसलमान बाबर को नहीं मानते अपना आदर्श

सपा सांसद रामजी लाल सुमन के हिंदू-मुस्लिम डीएनए पर दिए बयान से विवाद बढ़ा. भाजपा ने इसे अपमानजनक बताते हुए माफी की मांग की. सियासी हलकों में हलचल, समाज में दरार की आशंका.

SP MP

उत्तर प्रदेश से सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. उन्होंने हिंदू और मुसलमानों के डीएनए को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे सियासी हलकों में हलचल मच गई है. भाजपा ने इस बयान को भारतीय महापुरुषों का अपमान बताते हुए सपा सांसद से माफी की मांग की है.

रामजी लाल सुमन का विषैला बयान

राज्यसभा में दिए गए अपने बयान में रामजी लाल सुमन ने कहा, “भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया है कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है. लेकिन बाबर को भारत में कौन लाया था? राणा सांगा ने बाबर को इब्राहीम लोदी के खिलाफ बुलाया था.” उन्होंने आगे कहा, “अगर मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो हिंदू भी गद्दार राणा सांगा की औलाद हुए.”

उन्होंने यह भी कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में कुछ लोगों ने अंग्रेजों की गुलामी की थी, लेकिन हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता, बल्कि वह मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है.

भाजपा ने कहा- ये तुष्टिकरण की राजनीति

भाजपा ने इस बयान की कड़ी निंदा की और इसे तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा बताया. भाजपा ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से लिखा, “सपा नेताओं की तुष्टिकरण की राजनीति में वे इस कदर डूब चुके हैं कि विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन करने के लिए भारतीय महापुरुषों का अपमान करने से भी नहीं हिचकिचाते. यह बयान बेहद शर्मनाक है और सपा सांसद को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.”

सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में जानबूझकर सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. हाल ही में होली के दौरान कुछ बयान ऐसे आए जिन्होंने समाज में दरार डालने का काम किया. बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं ने होली को लेकर विवादित बयान दिए, जिनमें मुस्लिमों को घर में रहने की सलाह दी गई थी.

देश में कानून का राज या जंगलराज?

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पहले होली मनाने की अनुमति नहीं दी गई थी, हालांकि बाद में इसे मंजूरी मिल गई. इस दौरान एक जनप्रतिनिधि ने यह तक कहा कि जो होली का विरोध करेगा, उसे “ऊपर पहुंचा देंगे”. भाजपा का कोई बड़ा नेता इस बयान के खिलाफ सामने नहीं आया. इससे यह संकेत मिलता है कि इस तरह की भाषा को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो सकता है.

राजनीतिक गर्मी तेज, बयानबाजी जारी

सपा सांसद रामजी लाल सुमन के विवादित बयान को लेकर यूपी की राजनीति में हलचल मची हुई है. भाजपा और सपा के नेता लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. भाजपा ने सपा को हिंदू विरोधी करार दिया, जबकि सपा ने भाजपा पर सामाजिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया.

अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाता है और क्या रामजी लाल सुमन अपने बयान पर माफी मांगते हैं या अपने रुख पर कायम रहते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital