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सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हुए विक्रम मिस्री, ओवैसी और कांग्रेस ने किया बचाव!

विक्रम मिस्री को धमकी देने वाले ट्रोलर्स पर ओवैसी और कांग्रेस ने किया समर्थन. ओवैसी ने मिस्री को ईमानदार राजनयिक बताया, कांग्रेस ने ट्रोलिंग की निंदा की. जानें पूरा मामला.

Asaduddin Owaisi

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी. (फाइल फोटो)

भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बीच विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सरकार की घोषणा के तहत सीजफायर का ऐलान किया. इसके बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया, जिसके चलते मिस्री को अपना एक्स अकाउंट सुरक्षित करना पड़ा. इस मामले में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस नेताओं ने उनका समर्थन किया है. ओवैसी ने ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए मिस्री को सभ्य, ईमानदार और मेहनती राजनयिक बताया. आइए जानते हैं पूरा मामला.

ओवैसी का बयान

ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “विक्रम मिस्री एक सभ्य, ईमानदार और मेहनती राजनयिक हैं, जो हमारे देश के लिए अथक परिश्रम करते हैं. हमारे सिविल सेवक कार्यपालिका के अधीन काम करते हैं. यह याद रखना चाहिए कि उन्हें कार्यपालिका या देश के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए.”

इससे पहले, सीजफायर के बाद ओवैसी ने कहा था, “जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए करता रहेगा, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है. सीजफायर हो या न हो, हमें पहलगाम हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए. जब भी बाहरी आक्रमण हुआ, मैं सरकार और सशस्त्र बलों के साथ खड़ा रहा हूं. यह समर्थन हमेशा रहेगा.”

कांग्रेस ने भी किया बचाव

कांग्रेस नेता सलमान अनीस सोज ने भी मिस्री का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “विक्रम मिस्री एक कश्मीरी हैं, जिन्होंने भारत को गौरवान्वित किया है. किसी भी तरह की ट्रोलिंग उनकी देशसेवा को कम नहीं कर सकती. अगर आप उनका शुक्रिया नहीं कर सकते, तो चुप रहना सीखें.”

क्या है मामला?

विक्रम मिस्री ने जुलाई 2024 में विदेश सचिव का पदभार संभाला था. ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद उनकी सरकारी ब्रीफिंग को खूब सराहा गया. खास तौर पर उनके शब्दों के चयन और पाकिस्तान की टिप्पणियों पर उनकी तीखी प्रतिक्रियाओं की प्रशंसा हुई. हालांकि, सरकार द्वारा पाकिस्तान के साथ सीजफायर की घोषणा के बाद ट्रोलर्स ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया और सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की.
इस घटना ने न केवल मिस्री की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने की कोशिश की, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से निशाना बनाया जा सकता है. ओवैसी और कांग्रेस नेताओं के समर्थन से यह साफ है कि मिस्री के योगदान को लेकर उनके समर्थक एकजुट हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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