Bharat Express DD Free Dish

बस्तर के विकास का ‘महा-ब्लूप्रिंट’ तैयार! सीएम साय ने पीएम मोदी को सौंपा ‘बस्तर मुन्ने’ का रोडमैप, जानिए क्या है खास?

छत्तीसगढ़ के सीएम Vishnu Deo Sai ने पीएम Narendra Modi से मुलाकात कर बस्तर के विकास का मेगा प्लान पेश किया. नक्सलवाद के बाद अब बस्तर को स्टार्टअप, हाई-टेक खेती और टूरिज्म हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है…

Edited by Rohit Agrawal

Bastar development blueprint: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के कायाकल्प का सबसे बड़ा और आधुनिक ‘महा-ब्लूप्रिंट’ साझा किया है. नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर को विकास की मुख्यधारा में सबसे आगे लाने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रधानमंत्री के सामने रखी.

यह भी बता दें कि इस प्लान का मुख्य उद्देश्य बस्तर को केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रखकर, उसे स्टार्टअप, हाई-टेक खेती और ग्लोबल टूरिज्म का हब बनाना है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब बस्तर में गोलियों की गूंज नहीं बल्कि विकास की धमक सुनाई देगी.

जानिए क्या है सीएम का प्लान?

मुख्यमंत्री द्वारा सौंपे गए ब्लूप्रिंट में सबसे क्रांतिकारी कदम आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक बस्तर के 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये की जाए. इसके लिए ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार किया जा रहा है.

साथ ही युवाओं के लिए ‘स्टार्टअप नीति’ के तहत 2030 तक 5,000 नए स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. कृषि को मजबूती देने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होगा, जिससे 31,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हो सकेगी.

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का बिछेगा जाल

ब्लूप्रिंट के अनुसार, 2027 तक बस्तर के दुर्गम इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए 228 नई सड़कें और 267 पुलों का निर्माण पूरा किया जाएगा. शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाते हुए 45 पोटा केबिन स्कूलों को भव्य स्थायी भवनों में बदला जा रहा है. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही है, ताकि बस्तर का भविष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सके. इसके अलावा, जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार और रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन को लेकर भी तेजी से काम करने की योजना है.

यह भी पढ़ें: ‘खेड़ा का बनाऊंगा पेड़ा’…’, सुबह दी चेतावनी और दोपहर में धमक पड़ी असम पुलिस, सीएम सरमा और पवन खेड़ा के बीच तेज हुई तकरार!

ग्लोबल टूरिज्म हब की तैयारी

बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के नक्शे पर स्थापित करने के लिए चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात के पास ग्लास ब्रिज, कैनोपी वॉक और एडवेंचर टूरिज्म की परियोजनाएं तैयार की गई हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार मिल गया है.

यह भी बताते चलें कि जिले में ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय संस्कृति को नई पहचान दी जा रही है. यह ब्लूप्रिंट बस्तर के लिए केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि वहां के हर नागरिक की बदलती तकदीर का संकल्प है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read