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मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर अब भारत की सीधी नजर, जानिए कौन हैं FATF के टॉप बॉस बनने जा रहे विवेक अग्रवाल

FATF Vice President Appointed 2026: भारत के वरिष्ठ IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल को वित्तीय अपराधों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था FATF का नया उपाध्यक्ष चुना गया है. वह 1 जुलाई 2026 से यूके के गाइल्स थॉमसन की जगह कार्यभार संभालेंगे. विदेश मंत्रालय ने इसे कूटनीतिक जीत बताया.

Vivek Agarwal FATF Vice President

FATF Vice President Appointed 2026: अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के हाथ एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी लगी है. मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों को मिलने वाली फंडिंग (Terror Financing) पर दुनिया भर में नजर रखने वाली सर्वोच्च संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की पेरिस बैठक से देश के लिए गौरवशाली खबर आई है. भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को साल 2026-2027 के लिए FATF का अगला उपाध्यक्ष (Vice President) चुन लिया गया है.

वैश्विक वित्तीय अपराधों को रोकने वाली इस सबसे बड़ी संस्था में भारत के प्रतिनिधि का इतने ऊंचे पद पर बैठना देश की एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक जीत माना जा रहा है. विवेक अग्रवाल आगामी 1 जुलाई 2026 से यूनाइटेड किंगडम (UK) के गाइल्स थॉमसन की जगह यह बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे.

विदेश मंत्रालय ने कहा- यह वैश्विक मंच पर भारत की बड़ी जीत

इस शानदार कामयाबी पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर खुशी जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस कूटनीतिक सफलता की जानकारी साझा करते हुए इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की जीत बताया है.

मंत्रालय के मुताबिक, FATF के शीर्ष नेतृत्व में भारत की यह मौजूदगी दुनिया भर के अवैध वित्तीय नेटवर्कों को ध्वस्त करने और आतंकी संगठनों को मिलने वाले गुप्त पैसों की सप्लाई चेन को काटने के भारत के संकल्प को और ज्यादा मजबूत करेगी.

तगड़ा है ट्रैक रिकॉर्ड: FIU-IND के निदेशक भी रह चुके हैं विवेक अग्रवाल

विवेक अग्रवाल को इस अंतरराष्ट्रीय पद के लिए चुने जाने की सबसे बड़ी वजह उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव और वित्तीय खुफिया मामलों में जबरदस्त पकड़ है. वह मौजूदा समय में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात हैं. इससे पहले वह देश की सबसे अहम वित्तीय जांच एजेंसी यानी फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के डायरेक्टर रह चुके हैं.

इसके अलावा, वह FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इस पद पर रहते हुए उन्होंने संदिग्ध लेन-देन, टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के कई बड़े सिंडिकेट्स का भंडाफोड़ किया था. अब उनके इसी शानदार अनुभव का फायदा पूरी दुनिया को मिलेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को और सुरक्षित व पारदर्शी बनाया जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस 



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