गुरुवार शाम से झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है. भीषण गर्मी के बीच तेज हवाओं के साथ शुक्रवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हुई. कई इलाकों में ओले भी पड़े, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई. मौसम विभाग के मुताबिक, यह बदलाव 2 से 3 दिनों तक बना रह सकता है.
गुरुवार शाम से ही मौसम ने करवट ली और प्रचंड गर्मी के बाद तेज हवाओं के साथ बादल छा गए. शुक्रवार सुबह राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में 9 बजे के आसपास अंधेरा छा गया. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कई इलाकों में बारिश हुई. इस दौरान ओले भी पड़े, जिससे किसानों के लिए समस्याएं उत्पन्न हुईं. मौसम विभाग का कहना है कि इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का असर है, और अगले 2 से 3 दिन तक मौसम का यही हाल रहेगा.
किसानों और आम जनजीवन पर असर
बारिश और ओलों के कारण कई इलाकों में जल जमाव हो गया और सड़कें अवरुद्ध हो गईं. किसानों को भी इस मौसम बदलाव के कारण भारी नुकसान हुआ. हालांकि, राज्य की कृषि मंत्री ने इस विषय पर कोई खास टिप्पणी नहीं की. कृषि मंत्री ने बयान में कहा कि “फुर्सत का अभाव था” और किसानों की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का एक सकारात्मक पहलू यह है कि इससे भीषण गर्मी से राहत मिली है. राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान में 2 से 4 डिग्री की कमी आई है. हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हुई है और आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 2 से 3 दिन तक इस प्रकार का मौसम बना रहेगा.
विभाग की चेतावनी और भविष्य की स्थिति
मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण आया है और अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहेगी. हालांकि, गर्मी से राहत मिलने से आम लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम की स्थिति चिंता का कारण बन सकती है.
झारखंड में मौसम का अचानक बदलाव किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, वहीं आम लोग भीषण गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं. प्रशासन और मौसम विभाग की तरफ से अगली 2-3 दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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