Suvendu Adhikari Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार में आज कूटनीति और क्षेत्रीय संतुलन की एक नई इबारत लिखी गई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार का पहला बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार कर दिया है, जिसमें 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है. लोकभवन में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने सभी नए चेहरों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मेगा विस्तार के बाद अब शुभेंदु अधिकारी की कोर टीम का कुनबा बढ़कर कुल 41 मंत्रियों का हो गया है, जो राज्य के हर कोने को साधने की कोशिश है.
इस बड़े विस्तार में विभागों और पदों के कद का विशेष ध्यान रखा गया है. 41 सदस्यों वाली इस नई टीम में मुख्यमंत्री समेत कुल 19 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिहाज से संवैधानिक रूप से अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन सीएम अधिकारी ने फिलहाल 3 पद खाली रखते हुए अपनी ‘टीम 41’ के साथ ही बंगाल को सुशासन की पटरी पर दौड़ाने का फैसला किया है.
शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट की पूरी सूची (Suvendu Adhikari Ministers List)
- शुभेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री – गृह और वित्त विभाग अपने पास)
- दिलीप घोष (ग्रामीण विकास, पशु संसाधन, कृषि विपणन)
- अग्निमित्रा पॉल (महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, नगर निकाय)
- निशीथ प्रमाणिक (उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण)
- अशोक कीर्तनिया (खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता मंत्रालय)
- खुदीराम टूडू (जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले)
- दीपक बर्मन
- तापस रॉय
- डॉ. शंकर घोष
- मनोज कुमार उराँव
- अर्जुन सिंह
- गौरी शंकर घोष
- स्वपन दासगुप्ता
- जग्गन्नाथ चट्टोपाध्याय
- कल्याण चक्रवर्ती
- अजय पोद्दार
- सारदवत मुखर्जी
- दूध कुमार मंडल
- अनुप कुमार दास
कुल 3 राज्य मंत्री – स्वतंत्र प्रभार (Suvendu Adhikari Minister of State Independent Charge)
- डॉ. इंद्रनील खान
- मालती राव रॉय
- राजेश महतो
कुल 19 राज्य मंत्री (Suvendu Adhikari Minister of State)
- जोएल मुर्मू
- हरे कृष्ण बेरा
- आनंदमय बर्मन
- अशोक डिंडा
- नदियार चंद बाउरी
- विशाल लामा
- शांतनु प्रमाणिक
- मौमिता विश्वास मिश्रा
- उमेश रे
- पूर्णिमा चक्रवर्ती
- कौशिक चौधरी
- भास्कर भट्टाचार्य
- दिबाकर घरामी
- अमिया किस्कू
- कलिता माझी
- गार्गी दास घोष
- बिराज विश्वास
- दीपंकर जना
- सुमना सरकार
क्यों खास है शुभेंदु अधिकारी की ‘टीम 41’? (Suvendu Adhikari Team 41 In West Bengal)
राजनीतिक रणनीतिकारों के मुताबिक, नितिन नवीन और शुभेंदु अधिकारी की जुगलबंदी ने इस कैबिनेट में बंगाल की भौगोलिक और जातीय बनावट को बहुत बारीकी से पिरोया है. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय और वित्त विभाग अपने पास रखकर साफ कर दिया है कि राज्य की कानून-व्यवस्था और खजाने पर उनका सीधा नियंत्रण रहेगा.
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दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसे बड़े चेहरों को भारी-भरकम मंत्रालयों की जिम्मेदारी देकर पार्टी के भीतर गुटबाजी को रोकने और सरकार को आक्रामक चेहरा देने की कोशिश की गई है. उत्तर बंगाल के विकास के लिए निशीथ प्रमाणिक को बड़ी कमान सौंपने के साथ-साथ जनजातीय और अल्पसंख्यक बेल्ट के लिए खुदीराम टूडू को आगे बढ़ाना बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है.
ममता युग के बाद भाजपा के स्थायित्व की घोषणा (Suvendu Adhikari Ministers Plan)
26 मई को लोकभवन में हुआ यह शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने का जरिया नहीं था, बल्कि बंगाल की राजनीति से ममता युग के अंत के बाद भाजपा के स्थायित्व की घोषणा है. 41 मंत्रियों की इस नई टीम के सामने बंगाल को ‘कट-मनी’ और राजनीतिक हिंसा के नैरेटिव से बाहर निकालकर विकास के ट्रैक पर लाना सबसे बड़ी चुनौती होगी. अधिकतम सीमा 44 होने के बावजूद 3 पदों को खाली रखना यह भी दर्शाता है कि भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विधायकों के लिए पुरस्कार की खिड़की अभी भी खुली रखी गई है.
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