पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की विदाई और सुवेंदु अधिकारी के राजतिलक के बाद राज्य के ‘सिंडिकेट राज’ की पोल खुलनी शुरू हो गई है. दरअसल मुर्शिदाबाद जिला पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत टीएमसी नेता के सहयोगी के घर पर धावा बोलकर भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है.
बता दें कि बहरामपुर के सैदाबाद इलाके में हुई इस कार्रवाई (West Bengal Murshidabad police action) ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जो नेता कल तक रसूख की धौंस दिखाते थे, आज उनके ठिकानों से ‘मौत का सामान’ निकल रहा है.
मुर्शिदाबाद में हथियारों की बड़ी खेप बरामद
मुर्शिदाबाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गिर्जापाड़ा क्षेत्र में टीएमसी नेता के खास गुर्गों ने हथियारों की बड़ी खेप छिपा रखी है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 140 राउंड जिंदा कारतूस, तीन 7.65 मिमी रिवॉल्वर और मैगजीन जब्त की हैं.
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: Police recovered a huge quantity of arms & ammunition from the house of the associate of a TMC leader. A woman, Tuku Sarkar has been arrested in Berhampore, Saidabad, Girjapara. Two other suspects – Papai Ghosh and his associate Ashim Sarkar are… pic.twitter.com/Lpx4S5fz44
— ANI (@ANI) May 9, 2026
इस मामले में पुलिस ने टुकु सरकार नामक महिला को दबोच लिया है, जबकि मुख्य संदिग्ध पपाई घोष और अशिम सरकार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. पुलिस ने इन हथियारों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर संदेश दिया है कि अब ‘ऊपर’ से बचाने वाला कोई नहीं है.
सत्ता बदलने के बाद से जारी है यही सिलसिला(West Bengal police action)
यह कोई पहली घटना(West Bengal police action) नहीं है. सत्ता बदलने के बाद से ही पूरे बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं के घर ‘मिनी फैक्ट्री’ की तरह उजागर हो रहे हैं. हाल ही में कोलकाता के आनंदपुर और दक्षिण 24 परगना में भी टीएमसी नेताओं के कार्यालयों से तलवारें और बम बनाने की सामग्री मिली थी.
मुर्शिदाबाद की घटना ने साबित कर दिया है कि हार के डर से इन नेताओं ने भारी मात्रा में हथियार जमा किए थे. जांच एजेंसियां अब उन ‘राजनीतिक कनेक्शनों’ को खंगाल रही हैं, जिनके इशारे पर यह अवैध नेटवर्क फल-फूल रहा था.
‘भय के साम्राज्य’ का हो रहा है अंत?
मुर्शिदाबाद हमेशा से राजनीतिक हिंसा का केंद्र रहा है. स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सालों से इन हथियारों के दम पर लोगों की आवाज दबाई जाती थी और चुनावी बूथ लूटे जाते थे. अब जबकि प्रशासन निष्पक्ष होकर काम कर रहा है, तो ये ‘काले कारनामे’ एक-एक कर जनता के सामने आ रहे हैं. पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और आशंका जताई है कि ये हथियार किसी बड़ी साजिश या ‘पोस्ट-पोल वायलेंस’ के लिए रखे गए थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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