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पश्चिम बंगाल: विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया ये आदेश

West bengal News: कुलपतियों (वीसी) की नियुक्ति को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और राज्यपाल सीवी आनंद बोस (विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति) के बीच चल रहे विवाद को लेकर दायर पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेयरपर्सन को शिक्षा को ध्यान में रखते हुए एक या एक से अधिक विश्वविद्यालयों के लिए एक अलग या संयुक्त चयन समिति गठित करने का अधिकार है। चेयरपर्सन पैनल में शामिल चार विशेषज्ञों को नियुक्त करने का हकदार है, जिन्हें उन्होंने वीसी की नियुक्ति के लिए योग्य पाएगा। समिति में अध्यक्ष शामिल होंगे। समिति प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए वर्णानुक्रम में तीन नामों का एक पैनल तैयार करेगी।

अध्यक्ष से अनुरोध है कि वे समूह या विश्वविद्यालयों के लिए जल्द से जल्द या दो सप्ताह के भीतर समिति का गठन करें। अध्यक्ष (पूर्व सीजेआई) को समिति की कार्यवाही की प्रत्येक प्रभावी तिथि के लिए तीन लाख का मानदेय दिया जाएगा, जब तक कि पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी न हो जाए। अध्यक्ष द्वारा विधिवत समर्थित समिति द्वारा की गई सिफारिशों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।

यदि मुख्यमंत्री के पास यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसा कोई व्यक्ति अनुपयुक्त है, तो टिप्पणी और सहायक सामग्री दो सप्ताह के भीतर कुलाधिपति के समक्ष रखी जाएगी। मुख्यमंत्री, चांसलर को वरीयता क्रम में शॉर्टलिस्ट किए गए नामों की सिफारिश करने के हकदार होंगे, जो सीएम द्वारा अनुशंसित वरीयता क्रम में सूचीबद्ध नामों में से कुलपतियों की नियुक्ति करेंगे।

बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति और राज्य के राज्यपाल सी वी आनंद बोस को राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गए उम्मीदवारों की सूची में से छह उपयुक्त व्यक्तियों को कुलपति नियुक्त करने का निर्देश दिया था।

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य संचालित विश्व विद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए गठित खोज समिति में सदस्यों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने के लिए एक संशोधन विधेयक पारित किया था।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय कानून विधेयक 2023 का विरोध करते हुए आरोप लगाया था कि नई खोज समिति कुलपतियों की नियुक्ति पर सत्तारूढ़ दल के नियंत्रण को बढ़ाएगी।

– भारत एक्‍सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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