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West Bengal Teacher Scam: ममता बोलीं- NEET रद्द नहीं हुआ, तो हमारी भर्ती क्यों?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 25,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ शिक्षकों का समर्थन किया है.

West Bengal Teacher Scam

West Bengal Teacher Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बर्खास्त किए गए शिक्षकों के समर्थन में सोमवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘योग्य’ शिक्षकों की नौकरियों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.

NEET और व्यापम घोटाले का दिया उदाहरण

ममता बनर्जी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन ‘योग्य’ है और कौन नहीं. हमें सूची दी जाए. किसी को भी शिक्षा व्यवस्था को तोड़ने का अधिकार नहीं है. व्यापम घोटाले में, जो कि भाजपा-शासित मध्य प्रदेश में हुआ था, कई लोगों की जान चली गई, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला. NEET परीक्षा में भी कई आरोप लगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की. फिर बंगाल को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हमें जवाब चाहिए.”

आप बंगाल की प्रतिभा से डरते हैं

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, “आप बंगाल की प्रतिभा से डरते हैं. अगर सुप्रीम कोर्ट हमें स्पष्टता दे देता है, तो हम आभारी होंगे. अगर नहीं, तो हम खुद रास्ता निकालेंगे और शिक्षकों के साथ खड़े रहेंगे.”

दो महीने तक सहन करो, बीस साल तक नहीं

शिक्षकों को आश्वासन देते हुए ममता ने कहा, “दो महीने तक सहन करो, बीस साल तक नहीं. मैं उन दो महीनों के लिए आपको मुआवजा भी दूंगी. आपको किसी से भीख नहीं मांगनी पड़ेगी.”

SC ने 25,000 से अधिक नियुक्तियां रद्द कीं

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) द्वारा की गई 25,000 से अधिक शिक्षकों और स्टाफ की नियुक्तियां रद्द कर दीं. कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और धांधली हुई है, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया “असुधारनीय रूप से दूषित” हो गई है.

भर्ती प्रक्रिया में घोटाले की गंभीर बातें

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया कि…

  • “रैंक जम्पिंग” हुई है- यानी कम रैंक वालों को उच्च रैंक वालों के ऊपर तरजीह दी गई.
  • “आउट ऑफ पैनल” नियुक्तियाँ हुई हैं – यानी चयन सूची में न होने के बावजूद उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया.
  • कुछ उम्मीदवारों को WBSSC की सिफारिश के बिना ही नियुक्त किया गया.
  • OMR शीट में हेराफेरी की गई और उन्हें नष्ट भी कर दिया गया, जिसकी कोई जायज वजह नहीं दी गई.

कोर्ट ने कहा कि WBSSC ने शुरू में इन गड़बड़ियों को छुपाने की कोशिश की, जिससे जांच और भी कठिन हो गई. कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने में नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है.

यह हमारी सरकार पर हमला है

ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों भाजपा और माकपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “आपके लोग हर जगह हैं. लेकिन सरकार को निशाना बनाने के लिए शिक्षकों की नौकरी मत छीनो. याद रखो, घायल बाघ और खतरनाक होता है. यह हमारी सरकार पर सीधा हमला है.”

शिक्षकों से काम जारी रखने की अपील

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा, “आपको अभी तक बर्खास्तगी का पत्र नहीं मिला है, तो आप काम करते रहो. हम कोर्ट के आदेश को मानते हैं, लेकिन स्पष्टता भी चाहते हैं. हम पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे.”

हम दोबारा परीक्षा नहीं देंगे

सभा में उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि वे दोबारा परीक्षा नहीं देंगे. एक शिक्षक ने कहा, “हम खुद पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे और राज्य सरकार व स्कूल सेवा आयोग से भी ऐसा करने की अपील करेंगे.”


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-भारत एक्सप्रेस



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