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भारत में श्वेत क्रांति 2.0: दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार और महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य

सहकारिता मंत्रालय ने “श्वेत क्रांति 2.0” शुरू की है, जिसका उद्देश्य दुग्ध सहकारी समितियों के दूध खरीद में 50% वृद्धि, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन है. इसके तहत 75,000 नई समितियाँ स्थापित की जाएंगी.

White Revolution 2.0

White Revolution 2.0: सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी-नेतृत्व वाली “श्वेत क्रांति 2.0” की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सहकारी कवरेज का विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण है. इसका मुख्य उद्देश्य “आने वाले पांच वर्षों में दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा दूध की खरीद 50% बढ़ाना है, जो अभी के स्तर से अधिक होगा, ताकि दूध उत्पादक किसानों को अपार क्षेत्र में बाजार तक पहुंच मिल सके और संगठित क्षेत्र में दुग्ध सहकारी समितियों का हिस्सा बढ़ सके.”

श्वेत क्रांति 2.0 के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) 19 सितंबर 2024 को लॉन्च की गई थी. 2028-29 तक, पाँचवें वर्ष के अंत तक, दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा दूध की खरीद 1007 लाख किलोग्राम प्रतिदिन होने का अनुमान है. यह लक्ष्य दोहरी रणनीतियों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा:

  1. दुग्ध सहकारी समितियों का कवरेज बढ़ाना
  2. दुग्ध सहकारी समितियों की पहुँच को गहराना

इसके लिए, सहकारिता मंत्रालय ने बिना कवर किए गए पंचायतों/गांवों में 75,000 नई दुग्ध सहकारी समितियाँ (DCSs) स्थापित करने और 46,422 मौजूदा DCSs को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा है. इन DCSs को बाजार संबंध प्रदान किए जाएंगे, चाहे मौजूदा दूध मार्गों को बढ़ाकर या नए दूध मार्गों का निर्माण करके. श्वेत क्रांति 2.0 से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का समन्वय एनडीडीबी करेगा.

भारत के दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं का अहम योगदान है, वे दुग्ध उत्पादन, गायों को चारा देना, उनका इलाज और दूध निकालने का कार्य करती हैं. लगभग 70% दुग्ध क्षेत्र में कार्यरत जनशक्ति महिलाएं हैं, फिर भी उनका योगदान अक्सर असंगठित क्षेत्र के कारण कम आंका जाता है. महिला-नेतृत्व वाली दुग्ध सहकारी समितियाँ उनके सशक्तिकरण के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरी हैं. श्वेत क्रांति 2.0 के तहत, हर बिना कवर किए गए पंचायत/गांव में DCS स्थापित करके अधिक महिला दुग्ध किसानों को संगठित दुग्ध सहकारी क्षेत्र में लाया जाएगा.

पंजाब में, श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 2,378 नई DCSs की स्थापना और 2,440 मौजूदा DCSs को मजबूत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक, पंजाब में 87 DCSs पंजीकृत की जा चुकी हैं.

यह जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी.

-भारत एक्सप्रेस



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